प्राकृतिक पर्यावरण तथा उसमें रहने वाले जीव जंतु अतीत से समायोजित होकर एक आदर्श भूमंडलीय पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण किये
अनेक प्राकृतिक घटनाएं की मौलिकता को समय-समय भंग की परंतु अन्य प्राकृतिक शक्तियां पुनः सक्रिय होकर एक उत्कृष्ट स्वरूप प्रदान किया
वर्तमान समय में विज्ञान के विकास के साथ मनुष्य प्राकृतिक पर्यावरण पर आक्रमण कर दिया है संसाधनों का अंधाधुंध दोहन कर रहा है फलस्वरुप जो प्राकृतिक उपादान मनुष्य के लिए उपयोगी थे वह अब हानिकारक बन गए हैं ऐसी वस्तु स्थिति में पर्यावरण के निम्नांकित पक्ष पर प्रबंधन नितांत आवश्यक हो गया है
वन संसाधन का प्रबंधन
मृदा प्रबंधन
वन्य जीव संरक्षण एवं प्रबंधन