भारत में जलप्रपातों की संख्या लगभग नगण्य है ।भारत में लगभग जो भी जल प्रपात पाए जाते हैं उनका आकार छोटा है अधिकांशत: दक्षिण भारत में जल प्रपात पाए जाते हैं भारत के कुछ जल प्रपात निम्न है-
जोग या गैरसोपपा जल प्रपात-इस जलप्रपात का निमाण शरावती नदी के तट पर कर्नाटक में होता है।इस जलप्रपात के निमाण में राजा ,राकेट ,रोरर तथा दाम बराचे नामक अन्य चार प्रमुख जलप्रपातों का निर्माण होता है ।
भारत का प्रमुख जलविभाजक -
भारत में दो प्रकार के प्रवाह तंत्र कार्य करते हैं
(१) बंगाल की खाड़ी का प्रवाह तन्त्र
(२) अरब सागर का प्रवाह तंत्र
बंगाल की खाड़ी के प्रवाह तंत्र में ब्रह्मपुऋ गंगा ,महानदी ,गोदावरी ,कृष्णा ,कावेरी ,इत्यादि नादियो का जल आता है ।इसके प्रवाह का मुख्य कारण है भारत की भू आकृति क़ा ढाल पश्चिम से पूरब की ओर होना ।
अरब सागर का प्रवाह तंत्र -
इसमें नर्मदा ,साबरमती ,माही तथा अन्य छोटी छोटी नदियों का जल जाता है ।
इन दोनों प्रवाह तंत्र को अलग करने वाली रेखा भारत का वृहद जल विभाजक कहलाती है ।