वायु द्वारा निर्मित झील

राजस्थान के मरूस्थलीय क्षेत्र में वायु द्वारा एक स्थान की मिट्टी उड़कर दूसरे स्थान पर पहुँच जाती है । इसके परिणाम स्वरूप मिट्टी द्वारा एक चारों तरफ़ से बाधनुमा संरचना बना लिया जाता है ।  जिसके परिणामस्वरूप उसमें बाढ़ का पानी या नदी का पानी इकट्ठा हो जाता है ।तथा वह झील नुमा संरचना में  परिवर्तित हो जाता है  ऐसे झीलों को पलाया झील के नाम से जाना जाता है ।

राजस्थान की अनेक झील प्लाया झीलों  का उदाहरण प्रस्तुत करती हैं ।

जैसे -  राजस्थान की सांभर झील ,डीडवाना झील, पंचभदाृ झील ,लूनकरन सट झील इत्यादि ।

इन सभी झीलों  से (राजस्थान की झीलो मे )नमक  का उत्पादन किया जाता है ।

कश्मीर की प्रमुख झीलें - कश्मीर के पहाड़ी तथा घाटी क्षेत्रों में लगभग 14 सौ झीलें मौजूद हैं इसके प्रमुख उदाहरण निम्न है -

डलझील, शेषनाग झील ,अंनतनाग झील ,गंधारबल झील,अच्छा बल झील,पेरीनार झील,नागिन झील आदि ।

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