🧪🧪✔️✔️नाइट्रोजन ✔️✔️ 🧪🧪

• आयतन के हिसाब से बात करे तो पृथ्वी पर 78 % भाग पर नाइट्रोजन है [आक्सीजन= 21%]
• नाइट्रिक ऑक्साइड Smog (धुंध) के लिए Responsible होता है |
• वह क्षेत्र जहा पेट्रोल और डीजल वाहन अधिक मात्रा में चलते है, वहा पर अधिक मात्रा में धुंध और कुहरा देखने को मिलता है क्यों की ये वाहन अधिक मात्रा में NO produce करते है ये वहाँ CO मतलब कार्बन मोनोऑक्साइड भी Produce करते है |
• सबसे ज्यादा वायुप्रदूषण कार्बन मोनोऑक्साइड करता है | श्वसन के साथ मे ये कार्बन मोनोऑक्साइड हमारे शरीर मे चला जाता है और रक्त मे उपस्थित हीमोग्लोबिन के साथ मे घुल जाता है और रक्त की ऑक्सीज़न वहन क्षमता को कम कर देता है जिससे इंसान की मृत्यु भी हो सकती है |
• नाइट्रिक ऑक्साइड सूर्य प्रकाश के साथ मे क्रिया करके NO2 बनाता है नाइट्रोजन डाइऑक्साइड बनाता है |
► NO2 के भूरे रंग के कारण ही भूरी धुंध दिखाई देती है |
► नाइट्रोजन ऑक्साइड मे NO, NO2, N2O तीनों आते है तो ये नाइट्रोजन के ऑक्साइड है ये Acid rain के लिए भी Risponsible होते है सल्फर डाइऑक्साइड भी अम्ल वर्षा के लिए Risponsible होता है वैसे ही नाइट्रोजन के ऑक्साइड भी अम्ल वर्षा के लिए Risponsible होते है |
•  Acid Rain किस तरीके से होती है और किस प्रकार से ये हमारे लिए हानिकारक है |
 जब ये हानिकारक ऑक्साइड वायुमंडल मे पहुँचते है तो ये जल से क्रिया करके सल्फ्यूरिक अम्ल बना लेते है |
► और नाइट्रोजन ऑक्साइड जल के साथ मे क्रिया करकेनाइट्रिक अम्ल बना लेते है |
► जब ये अम्ल पृथ्वी पर वर्षा के रूप मे गिरते है तो इसे ही अम्ल वर्षा Acid Rain कहते है।
Note : अम्ल वर्षा मे सल्फ्यूरिक अम्ल अधिक मात्रा मे होता है।
► N2O नाइट्रस आक्साइड :-
• इसे हास्य गैस कहते है इसे सूंघने पर हंसी आती है |
• डॉक्टरों द्वारा यह एनेस्थीसिया के रूप में उपयोग की जाने वाली गैस है |
► नाइट्रोजन के उपयोग :-
• बर्फ बनाने में |
• विस्फोटक पदार्थ बनाने में |
• हेबर विधि में अमोनिया निर्माण में नाइट्रोजन का उपयोग किया जाता है |
• नाइट्रोजन गैस ठंडी व कम दाब होने के कारण वायुयान के टायरों में उपयोग की जाती है क्यों की वायुयान के टायरों का तापमान उच्च और दबाव अधिक होता है तो वायुयान के उतारते समय टायरों में विस्फोट होने की सम्भावना अधिक होती है | 
• नाइट्रोजन पौधो की वृद्धि के लिए एक आवशयक तत्व है, कीटभक्षी पौधे ऐसी जगह पाए जाते है जहा भूमि में नाइट्रोजन की कमी होती है इस लिए ये कीटो को मारकर उसके शरीर से नाइट्रोजन प्राप्त करते है ।
• भारत में ये पौधे कश्मीर, दार्जलिंग क्षेत्र में पाए जाते है |
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