Day - 25
7. पदार्थ की मात्रा का मूल मात्रक मोल – यह पदार्थ के परिणाम का मात्रक है, परन्तु ध्यान रहे कि यह द्रव्यमान का मात्रक नहीं है।
परिभाषा – एक मोल, पदार्थ की वह मात्रा है जिसमें उसके अवयवी तत्वों (परमाणु, अणु..... आदि) की संख्या 6.023*1023 होती है।
नोट – इस संख्या को ऐवेगैड्रो नियतांक (NA)कहते है।
भौतिकी में अध्ययन किए जाने वाले द्रव्यमानों का परास इलेक्ट्रॉन के द्रव्यमान (10-30 किग्रा) से ज्ञात दृष्टिगोचर विश्व के द्रव्यमान (1055 किग्रा) तक विस्तृत है।
SI के निम्नलिखित दो सम्पूरक मात्रक है :
- रेडियन – समतल पर बने हुए कोणों को मापने के लिए इस मात्रक का प्रयोग किया जाता है। किसी वृत्त की त्रिज्या के बराबर लम्बाई के चाप द्वारा उसके केन्द्र पर बनाया गया कोण एक रेडियन होता है।
स्पष्टीकरण – केन्द्र O पर त्रिज्या r का एक वृत्त खीचा और उसमें से r ल्म्बाई का एक चाप AB काट लिया। चाप AB द्वारा केन्द्र O पर बना कोण 1 रेडियन कहलाता है। इसका प्रतीक rad है।
चाप केन्द्र पर बनाया गया कोण (रेडियन में) = चाप/त्रिज्या, 1 रेडियन = 57.30
शेष फिर अगले नोटस् में ..