- कोलेरू झील (आंध्र प्रदेश)
- गहरा बील (असम)
- नालसरोवर पक्षी अभयारण्य (गुजरात)
- चंदेरटल वेटलैंड (हिमाचल प्रदेश)
- पौंग बांध झील (हिमाचल प्रदेश)
- होकेरा वेटलैंड (जम्मू कश्मीर)
- सुरिंसार मानसर झीलें (जम्मू और कश्मीर)
- त्सो मोरीरी (लद्दाख)
- तुलर झील (जम्मू कश्मीर)
- अष्टमुडी वेटलैंड (केरल)
- अस्थमकोट्टा झील (केरल)
- वेम्बनाड कोल वेटलैंड (केरल)
- भोज वेटलैंड ,भोपाल (मध्य प्रदेश)
- लोकतक झील (मणिपुर)
- भितरकनिका मैंग्रोव (ओडीशा)
- चिलिका झील (उड़ीसा)
- हरीके झील (पंजाब)
- कंजली झील (पंजाब)
- रोपड़ (पंजाब)
- सांभर झील (राजस्थान)
- केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान (राजस्थान)
- प्वाइंट कैलिमेरे वन्यजीव और पक्षी अभयारण्य (तमिलनाडू)
- रुद्रसागर झील (त्रिपुरा)
- ऊपरी गंगा नदी ब्रजघाट से नरौरा खिचांंव (उत्तर प्रदेश)
- पूर्व कलकत्ता वेटलैंडस (पश्चिम बंगाल)
- सुंदरबन डेल्टा (पश्चिम बंगाल)
इस वर्ष की शुरुआत में शामिल किए गए 10 क्षेत्र
- नंदूर मधमेश्वर, नासिक (महाराष्ट्र )
- केशोपुर मिआनी कम्युनिटी रिजर्व (पंजाब)
- व्यास संरक्षण रिजर्व (पंजाब)
- साण्डी पक्षी अभयारण्य, हरदोई (उत्तर प्रदेश)
- समसपुर पक्षी अभ्यारण, रायबरेली (उत्तर प्रदेश)
- नवाबगंज पक्षी अभयारण्य, उन्नाव (उत्तर प्रदेश)
- समन पक्षी अभयारण्य मैनपुरी (उत्तर प्रदेश)
- पार्वती अरगा पक्षी अभयारण्य गोंडा (उत्तर प्रदेश)
- सरसई नावर झील इटावा (उत्तर प्रदेश)
अक्टूबर 2020 के यू एन के रामसर कन्वेंशन ऑन वेटलैंड में उत्तराखंड के आसाम वेटलैंड को भारत के 38 वें रामसर साइट्स के रूप में मान्यता दी गयी ।
- नोट : 2019 से पहले 26 रामसर क्षेत्र थे 2019 में सुंदरवन डेल्टा (पश्चिम बंगाल) को शामिल कर लेने से इनकी संख्या 27 हो गई थी, और इस वर्ष 2020 में अब तक 11 और क्षेत्रों के इसमें शामिल हो जाने से भारत में रामसर क्षेत्र की संख्या बढ़कर 38 हो गई है