1813 के चार्टर एक्ट के द्वारा कंपनी की भर्ती व्यापार के एकाधिकार को समाप्त कर दिया गया यद्यपि उसका सीन के साथ तथा चाय की व्यापार का अधिकार चलता रहा इस एक्ट के तहत ₹100000 प्रतिवर्ष भारतीय विद्वान को प्रोत्साहन देने तथा साहित्य के पुनरुत्थान के लिए रखा गया इस एक्ट के तहत पहली बार भारत पर संवैधानिक स्थिति स्पष्ट की गई