टेरी की स्थापना 1974 में दरबारी एस सेठ ने की। यह एक गैर-लाभकारी शोध संस्था है जिसका उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण, ऊर्जा संरक्षण तथा धारणीय विकस को वास्तविकता में स्थापित करना है। इसका मुख्यालय नई दिल्ली में है।
वर्तमान में इस संस्था के निदेशक डॉक्टर अजय माथुर हैं। इस संस्था का विज़न नवाचार के माध्यम से सुनहरे भविष्य के सपने को सुरक्षित रखना है। दूसरे शब्दों में, टेरी का उद्देश्य उन कठिन समस्याओं का चुनौतियों से जूझना व उनका समाधान खोजना था जो आगामी वर्षों में मनुष्य के समक्ष कठिनाई उत्पन्न करने वाली थी।
टेरी का मानना था कि ये समस्याएं परंपरागत अनवीकरणीय ऊर्जा भंडारों में तेजी से आने वाली कमी के कारण उत्पन्न होंगी क्योंकि प्रकृति में इनकी उपलब्धता सीमित है। इसलिये यह ऐसे नवाचारी उद्यमों को प्रोत्साहित करता है जो अल्पकाल में ऊर्जा, पर्यावरण और सतत विकास के क्षेत्र में आने वाली वैश्विक समस्याओं का समाधान प्रस्तुत करें।
टेरी की शाखाएं उत्तरी अमेरिका, जापान, यूरोप, मलेशिया और खाड़ी देशों में भी है।
टेरी ने नवीन व अक्षय ऊर्जा मंत्रालय, भारत सरकार के सहयोग से एक राष्ट्रीय रेटिंग तंत्र 'ग्रह' (Green Rating for Integrated Habitat Assessment- GRIHA) का निर्माण किया, जो देश में भवनों को उनके संभावित पर्यावरणीय प्रभाव के आधार पर रेटिंग प्रदान करता है। इस तरह यह देश में बनने वाले नए भवनों के डिजाइन और पर्यावरण पर उनके संपूर्ण जीवन काल पर पड़ने वाले प्रभावों का मूल्यांकन राष्ट्रीय रूप से स्वीकृत कुछ पर्यावरणीय मानदण्डों का अनुपालन सुनिश्चित कराता है।