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29
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लिखे ईसा पढ़े मूसा
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ः
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अस्पष्ट लिखावट
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30
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अवसर चूकी डोमनी गावें ताल-बेताल
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ः
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अवसर चुकने के बाद विलाप व्यर्थ है
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चढ़ जा बच्चा सूली पर भला करेंगे राम
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ः
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बड़ों द्वारा छोटों को उकसाना
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काली के विवाह में सौ जोखिम
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ः
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एक अवगुण निकलते ही समस्त अवगुण दिखायी देने लगते है
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चोर-चोर मौसेरे भाई
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ः
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एक स्वभाव के लोग रक्तसंबंध बना लेते है
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मरी बछिया वाँभन को दान
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ः
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झूठा (बड़प्पन) का दिखावा करना
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35
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बूढ़ी घोड़ी लाल लगाम
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ः
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अवस्था के अनुरूप आचरण न करना
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नौ दिन चले अढ़ाई कोस
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ः
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बहुत सुस्त गति से काम करना
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आया मौज फकीर को दिया झोंपड़ा फूँक
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ः
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संन्यासियों के खेल भी निराले होते हैं
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चार दिन की चाँदनी फिर अँधेरी रात
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ः
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दुःख की अपेक्षा सुख की घड़ियाँ कम है
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मुछई सुस्त गवाह चुस्त
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ः
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कार्य के प्रति असावधान होना
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ओछे की प्रीति बालू की भीति
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ः
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दुष्ट व्यक्ति का प्रेम क्षणभंगुर होता है
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गुड़ खाये गुलगुले से परहेज
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ः
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झूठा दिखावा करना
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जल में रहे मगर से बैर
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ः
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सान्निध्य में रहकर दुश्मनी नहीं की जाती
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खोदा पहाड़ निकली चूहिया
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ः
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अधिक परिश्रम का थोड़ा फल
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