लोकोक्तियाँ-3

29

लिखे ईसा पढ़े मूसा

अस्पष्ट लिखावट

30

अवसर चूकी डोमनी गावें ताल-बेताल

अवसर चुकने के बाद विलाप व्यर्थ है

31

चढ़ जा बच्चा सूली पर भला करेंगे राम

बड़ों द्वारा छोटों को उकसाना

32

काली के विवाह में सौ जोखिम

एक अवगुण निकलते ही समस्त अवगुण दिखायी देने लगते है

33

चोर-चोर मौसेरे भाई

एक स्वभाव के लोग रक्तसंबंध बना लेते है

34

मरी बछिया वाँभन को दान

झूठा (बड़प्पन) का दिखावा करना

35

बूढ़ी घोड़ी लाल लगाम

अवस्था के अनुरूप आचरण न करना

36

नौ दिन चले अढ़ाई कोस

बहुत सुस्त गति से काम करना

37

आया मौज फकीर को दिया झोंपड़ा फूँक

संन्यासियों के खेल भी निराले होते हैं

38

चार दिन की चाँदनी फिर अँधेरी रात

दुःख की अपेक्षा सुख की घड़ियाँ कम है

39

मुछई सुस्त गवाह चुस्त

कार्य के प्रति असावधान होना

40

ओछे की प्रीति बालू की भीति

दुष्ट व्यक्ति का प्रेम क्षणभंगुर होता है

41

गुड़ खाये गुलगुले से परहेज

झूठा दिखावा करना

42

जल में रहे मगर से बैर

सान्निध्य में रहकर दुश्मनी नहीं की जाती

43

खोदा पहाड़ निकली चूहिया

अधिक परिश्रम का थोड़ा फल

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