समाज सुधारक part1

 ####स्वामी दयानंद सरस्वती ####(1896 से 1897) 

 1857 ईश्वी मे आर्य समाज के प्रवर्तक स्वामी जी राष्ट्रभाषा हिंदी के प्रबल समर्थक तथा 1857 ईस्वी में आर्य समाज के प्रवर्तक स्वामी जी राष्ट्रभाषा हिंदी के प्रबल समर्थक तथा संस्कृत के प्रकांड विद्वान रहे

Andolan शुद्धि चलाया जिसमें गैर हिंदू लोगों को आंदोलन शुद्ध चलाया जिसमें गैर हिंदू लोगों को हिंदू धर्म स्वीकृत कराया आर्य समाज द्वारा उन्होंने आर्य समाज द्वारा उन्होंने हिंदू वाद का विकास तथा जातिवाद एवं सामाजिक विषमता के आर्य समाज द्वारा उन्होंने हिंदू वाद का विकास तथा जातिवाद एवं सामाजिक विषमता के बावजूद भी एक तत्व का अभियान चलाया इनको भारत का इनको भारत का मार्टिन लूथर किंग कहा जाता है

 स्वामी विवेकानंद ( 1863 - 1902) 

रामकृष्ण परमहंस के परम प्रिय शिष्य सन्यासी आध्यात्मिक व्यक्तित्व स्वामी विवेकानंद अल्प जीवन काल में ही युगपुरुष बन गए थे

यह दक्षिणेश्वर संत के नाम से प्रसिद्ध थे

1893 ईसवी में शिकागो में संपन्न विश्व धर्म सम्मेलन में अपने भाषण में विश्व में विख्यात उपलब्ध की

सामाजिक चेतना के प्रवर्तक विवेकानंद का मूल नाम नरेंद्र नाथ दत्त था

महाराज खेतड़ी के सुझाव पर नरेंद्र नाथ दत्त ने अपना नाम स्वामी विवेकानंद रखा था

1896 में रामकृष्ण मिशन का संगठन किया था

कोलकाता के निकट बेलूर पश्चिम बंगाल में आश्रम की स्थापना की इसकी शाखाएं बनारस तथा मद्रास में भी हैं

1896 मे ही इन्होंने वेदांत सोसाइटी का गठन न्यूयॉर्क में किया था

मार्गरेट नोबल (सिस्टर निवेदिता) उनकी शिष्य थी 

स्वामी जी को 19वीं शताब्दी के नव हिंदू जागरण का संस्थापक भी कहा जाता है

सुभाष चंद्र बोस ने स्वामी विवेकानंद को आधुनिक राष्ट्रीय आंदोलन का आध्यात्मिक पिता कहा था

विवेकानंद ने भारत अंग्रेजी उद्बोधन बंगाली नामक पत्रिका का प्रकाशन किया था

राज योग कर्म योग एवं वेदांत फिलॉस्फी उनकी प्रसिद्ध पुस्तकें हैं

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