राष्ट्रीय स्वतंत्रता संग्राम

*1857 का विद्रोह / प्रथम स्वतंत्रता संग्राम - 

अंग्रेजों के कुशासन के विरूद्ध उपजे जन असंतोष की परिणति 1857  क्रांति के रूप में हुई। इसका प्रारंभ 10 मई, 1858 ( मेरठ ) सैनिक छावनी में हुआ। इससे पूर्व 29 मार्च, 1857 को बैरकपुर की छावनी में मंगल पाण्डे नमक सैनिक ने चर्बी लगे कारतूस का प्रयोग करने से इंकार करते हुए अपने सैनिक अधिकारियों की हत्या  दी। इस क्रांति का स्वरूप अखिल भारतीय था। लगभग एक - सवा वर्ष चलने वाली ये क्रांति अनेक उतार चढ़ावों से गुजरी ।

* बंगाल का विभाजन ( 1905 ) - 

अपनी ' बाटों और राज करो ' ( divide and rule )   की नीति के अनुसरण में राष्ट्रीय आंदोलन को कमजोर करने के उद्देश्य 1905 में अंग्रेजों ने प्रशासनिक आधार लेते हुए बंगाल विभाजन कर दिया। विभाजन के विरोध में संपूर्ण भारत में जनांदोलन हुए।

* होम रूल आंदोलन ( 1916 )- 

यह आंदोलन स्वशासन प्राप्त  के उद्देश्य से प्रारंभ किया गया। इसका श्रीगणेश 28 अप्रैल , 1916 को बालगंगाधर तिलक द्वारा होने रुल लीग की स्थापना के साथ बेलगांव में किया गया।

* खिलाफत आंदोलन ( 1919 ) - 

भारतीय मुस्लिम टर्की के सुल्तान को अपना धार्मिक गुरु / इस्लाम धर्म। का खलीफा स्वीकार करते थे। प्रथम विश्व युद्ध में टर्की मित्र देशों के विरूद्ध युद्ध कर रहा था। युद्ध के दौरान ब्रिटेन ने भारतीय मुसलमानों को आश्वस्त किया था कि वे टर्की साम्राज्य को क्षति नहीं पहुंचाएंगे, परन्तु युद्ध की समाप्ति के पश्चात ब्रिटिश सरकार ने टर्की साम्राज्य का विघटन कर डाला जिससे भारतीय मुसलमान क्षुब्ध हो उठे वे अपने खलीफा के हितों को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से आंदोलित हो गए।

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