एलनीनो अर्थात् भारत में सूखा पड़ने की स्थिति

एलनीनो का संबंध भारतीय मौसम तंत्र से है।एलनीनो एक जटिल मौसम तंत्र होता है जो हर 5 या 10 साल के बाद प्रकट होता है। इसके कारण संसार के विभिन्न भागों में सूखा, बाढ़ तथा मौसम संबंधी अन्य घटनाएं घटित होती हैं। इस तंत्र में महासागरीय और वायुमंडल घटनाओं को भी शामिल किया जाता है। पूर्वी प्रशांत महासागर के पेरु के निकट उष्णसमुद्री जलधारा के में प्रकट होता है। जिससे भारत सहित अनेक स्थान के मौसम प्रभावित होते है। एलनीनो का जन्म तब होता है जब अस्थाई रूप से पेरू की ठण्डी जलधारा के ऊपर भू- मध्यरेखीय गर्म जलधारा स्थापित हो जाती है जिसके कारण पेरू के तट का तापमान 10 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ जाता है। इस कारण यहां पर निम्न दाब क्षेत्र बन जाता है तथा भारतीय उपमहाद्वीप की ओर आने वाली मानसूनी हवाओं को अवशोषित कर लेता है जिसके कारण भारत में सूखा पड़ जाता है तथा दक्षिण अमेरिका में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो जाती है एलनीनो का शाब्दिक अर्थ-  बालक ईशा क्योंकि यह धारा दिसंबर के महीने में क्रिसमस के आस-पास नजर आती है 1990-91 ईस्वी में एलनीनो का विकराल रूप भारत में देखने को मिला था तथा भारत में मानसून के आगमन में देरी हो गई थी तथा चारों तरफ सूखा पड़ गया था
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