* फकीर विद्रोह (1776-77)- यह विद्रोह बंगाल में प्रारंभ हुआ। मुस्लिम घुमक्कड़ धार्मिक फकीरों के समूहों द्वारा मंजनू शाह एवं चिराग अली शाह के नेतृत्व में विद्रोह किया गया। भवनी पाठक और देवी चौधरानी आदि हिन्दू नेताओं ने इस आंदोलन में सहयोग किया था।
* सन्यासी विद्रोह (1770-88)- यह आंदोलन भी बंगाल में केंद्रित था। बंगाल के भीषण अकाल ( 1770 ) के उत्पन्न अराजकता और अव्यवस्था के साथ ही जानता के तीर्थयात्रा पर प्रतिबंध लागू कर दिया गया। इससे क्षुब्ध होकर संन्यासियों ने विद्रोह कर दिया।
* बहावी आंदोलन (1820-70)- इस आंदोलन के नेता थे - सैयद अहमद बरेलवी, विलायत अली, इनायत अली और मौलवी कासिम अब्दुल्ला। इस आंदोलन का उद्देश्य भारत को ब्रिटिश शासन से मुक्त कराकर मुस्लिम राज्य की स्थापना करना था।
* कूका आंदोलन - यह धार्मिक एवं राजनीतिक आंदोलन था। पंजाब के इस आंदोलन का उद्देश्य सीख समाज में व्याप्त अंधविश्वासों और बुराइयों को समाप्त करना और पंजाब से अंग्रेजों का प्रभुत्व समाप्त करके सीख प्रभुसत्ता की स्थापना करना था। इस आंदोलन के प्रणेता भगत जवाहर माल ( सियान साहब ) तथा उनके शिष्य बालक सिंह थे।
* रामोसी विद्रोह (1822)- मराठा सैनिकों के इस विद्रोह में मूल कारण ब्रिटिश सरकार द्वारा बढ़ाया गया कर था। इसका नेतृत्व उमाजी ने किया।
* गडकरी विद्रोह (1844 )- यह महाराष्ट्र के कोल्हापुर क्षेत्र में हुआ था। गडकरी मराठों के आनुवांशिक कर्मचारी थे। मराठों के पतन के उपरांत भू राजस्व की वृद्धि का कड़ा विरोध किया गया था। ब्रिटिश सरकार को गडकरियों के विद्रोह का दमन करने में अत्यधिक सैन्य बल का प्रयोग करना पड़ा।