भौतिक विज्ञान : Exam Tonic -ii

  • न्यूटन का द्वितीय गति-नियम (Newton’s second law of motion) - किसी वस्तु के संवेग में परिवर्तन की दर उस वस्तु पर आरोपित बल के समानुपाती होता है तथा संवेग परिवर्त न बल की दिशा में होता है।
  • न्यूटन का तृतीय गति-नियम (Newton’s third law of motion) - प्रत्येक क्रिया के बराबर, परन्तु विपरीत दिशा में प्रतिक्रिया होती है। उदाहरण- (i) बन्दूक से गोली  चलाने पर, चलाने वाले को पीछे की ओर धक्का लगना (ii) नाव स किनारे पर नाव को पीछे की ओर हट जाना। (iii) रॉकेट को उड़ाने में।
  • संवेग संरक्षण का सिद्धान्त - यदि कणों के किसी समूह या निकाय पर कोई वाह्य बल नही लग रहा हो, तो उस निकाय का कुल संवेग नियत रहता है। अर्थात् टक्कर के पहले और बाद का संवेग बराबर होता है।
  • अभिकेन्द्रीय बल (Centripetal Force)- जब कोई वस्तु किसी वृत्ताकार मार्ग  पर चलती है, तो उस पर एक बल वृत्त के केन्द्र की ओर कार्य करता है। इस बल को ही अभिकेन्द्रीय बल कहते है।
  • अपकेन्द्रीय बल (Centrifigal force) - अजड़त्वीय फ्रेम (Non-inertial frame) में न्यूटन के नियमों को लागू करने के लिए कुछ ऐसे बलों की कल्पना करनी होती है, जिन्हे परिवेश में किसी पिण्ड से सम्बन्धित नही किया जा सकता। ये बल छद्म बल या जड़त्वीय बल कहलाते है। अपकेन्द्रीय बल एक ऐसी ही जड़त्वीय बल या छद्म बल है।
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