केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सभी हितधारकों को केंद्रीय बजट की जानकारी आसान और त्वरित पहुंच प्रदान करने के लिए 'केंद्रीय बजट मोबाइल ऐप' लॉन्च किया. इस ऐप पर भारत के सभी संसद सदस्यों और आम जनता को बजट से संबंधित पूरी जानकारी मिलेगी. केंद्र सरकार ने आम जनता को बजट की हर बात बताने के लिए एक नया ऐप लॉन्च किया है.
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लॉन्चिंग के अवसर पर कहा कि यह ऐप पर लोग वार्षिक वित्तीय विवरण (एएफएस), अनुदान की मांग (डीजी) और वित्त विधेयक आदि सहित 14 केंद्रीय बजट दस्तावेजों को देखने की सुविधा प्रदान करता है. ऐप संसद में भारत की वित्त मंत्री द्वारा केंद्रीय बजट प्रस्तुत करने के बाद उपलब्ध होगा.
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2021 के लिए 'केंद्रीय बजट मोबाइल ऐप' लॉन्च कर दिया है. भारत सरकार के इस ऐप को आप गूगल ऐप स्टोर से डाउनलोड कर सकते हैं. ऐप स्टोर में जाकर Union Budget टाइप करें. जिस ऐप के नीचे NIC eGov Mobile Apps लिखा हो उसे डाउनलोड कर लें.
फायदा क्या होगा?
केंद्रीय वित्त मंत्रालय द्वारा तैयार इस ऐप में आपको बजट 2021 में वित्त मंत्री का बजट भाषण, वार्षिक वित्तीय विवरण, अनुदान की मांग, फाइनेंस बिल और बजट के मुख्य बिंदुओं की जानकारी मिलेगी.
📄केंद्रीय बजट 2021: आजादी के बाद पहली बार पेपरलेस होगा बजट, जानें वजह
कोरोना महामारी (Covid-19 pandemic) के कारण इस बार केंद्रीय बजट (Union Budget 2021) के पेपर प्रिंट नहीं होंगे. यह बजट पूरी तरह पेपरलेस होगा. आजादी के बाद यह पहला मौका होगा जब बजट के पेपर प्रिंट नहीं होंगे.
पहली बार बजट पेपरलेस
गौरतलब है कि अभी तक सांसदों और मीडिया आदि के लिए बजट की कॉपी छापी जाती थी. लेकिन पहली बार बजट पेपरलेस होगा. इस बार सांसदों को बजट की सॉफ्ट कॉपी दी जाएगी. गौरतलब है कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण एक फरवरी को वित्त वर्ष 2021-22 का बजट पेश करेंगी.
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, यूनियन बजट और इकोनॉमिक सर्वे के दस्तावेज दोनों ही नहीं छापे जाएंगे और सभी को सॉफ्ट कॉपी दी जाएगी.
बजट सत्र शुरू
गौरतलब है कि संसद का बजट सत्र 29 जनवरी से शुरू हो गया और 8 अप्रैल तक चलेगा। यह दो चरणों में होगा। पहला चरण जनवरी में शुरू होकर 15 फरवरी तक चलेगा जबकि इसका दूसरा चरण 8 मार्च से 8 अप्रैल तक होगा। 16 फरवरी से 7 मार्च तक ब्रेक रहेगा। पिछले साल कोरोना के बढ़ते मामलों के कारण संसद का शीतकालीन सत्र आयोजित नहीं किया गया था।
पृष्ठभूमि
बजट छापने की पूरी प्रक्रिया वित्त मंत्रालय के लिए एक त्योहार की तरह होती थी और इसे छापने में काफी गोपनीयता बरती जाती थी। हर साल लगभग 100 कर्मचारी करीब 15 दिनों के लिए पूरी तरह से वित्त मंत्रालय के दफ्तर में ही बंद हो जाते थे और मंत्रालय के प्रेस में ही बजट छापा जाता था।