भारतीय संविधान Easy Notes - 62 (नागरिकता - iv)

क्रमशः ...

Day- 62

  • अनुच्छेद 8 केवल संविधान लागू होने के समय पर प्राप्त होने वाली नागरिकता के बारे में ही नहीं वरन् उसके पश्चात् विदेशों में रहने वाले लोगों की नागरिकता के अधिकार के सम्बन्ध की भी व्यवस्था करता है।
  • अनुच्छेद 9 यह उपबन्धित करता है कि यदि कोई व्यक्ति अपनी इच्छा से किसी विदेशी राज्य की नागरिकता अर्जित कर लेता है तो उसकी भारतीय नागरिकता समाप्त हो जायेगी और वह अनुच्छेद 5,6 या 8 के आधार पर नागरिकता के अधिकार का दावा नहीं कर सकता। ये अनुच्छेद उन मामलों में लागू होता है जिनमें किसी व्यक्ति ने संविधान लागू होने के पहले अपनी इच्छा से किसी विदेशी राज्य की नागरिकता अर्जित कर ली है। यदि ऐसी कोई नागरिकता संविधान लागू होने के बाद अर्जित की जाती है तो उसका विनियमन भारतीय नागरिकता अधिनियम, 1955 के उपबनन्धों के अनुसार किया जाएगा।
  • अनुच्छेद 10 यह उपबन्धित करता है कि प्रत्येक व्यक्ति जो पूर्ववर्ती उपबन्धों के अनुसार भारत का नागरिक है या समझा जाता है, वह भारत का नागरिक बना रहेगा, किन्तु उसका यह अधिकार संसद् द्वारा बनाये गये किसी कानून के उपबन्धों के अधीन होगा।
  • अनुच्छेद 11 संसद् को नागरिकता के अर्जन और समाप्ति तथा उससे सम्बन्धित अन्य विषयों के सम्बन्ध में कानून बनाने की शक्ति प्रदान करता है। संसद ने अपनी इसी शक्ति का प्रयोग करते हुए ‘भारतीय नागरिकता अधिनियम, 1955’ पारित किया गया जिसमें नागरिकता के सम्बन्ध में व्यापक व्यवस्था की गई है।

मिलते है हम अगले दिन, भारतीय नागरिकता अधिनियम, 1955’ विषय पर फिर आगे  चर्चा करने के..

Posted on by