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अशर्फी की लूट और कोपले पर छाप
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मूल्यवान वस्तुओं को नष्ट करना और तुच्छ को सँजोना।
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अधजल गगरी छलकत जाए
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थोड़ी विद्या या बल होने पर इतराना।
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अंधों के आगे रोना, अपनी दीदा खोना
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निर्दयी या मूर्ख के आगे दुःखड़ा रोना बेकार होता है।
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अपनी करनी पार उतरनी
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किये का फल भोगना
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अपना ढेंढर न देखे और दूसरों की फूली निहारे
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अपना दोष न देखकर दूसरों का दोष देखना
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अपनी-अपनी डफली, अपना-अपना राग
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परस्पर संगठन या मेल न रखना
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आप डूबे जग डूबा
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जो स्वयं बुरा होता है, दूसरों को भी बुरा समझता है।
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आग लगन्ते झोंपड़ा जो निकले सो लाभ
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नष्ट होती हुई वस्तुओं में से जो निकल जाये वह लाभ ही है।
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आग लगाकर जमालो दूर खड़ी
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झगड़ा लगाकर अलग हो जाना
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आगे नाथ न पीछे पगहा
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अपना कोई न होना, घर का अकेला होना
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आग कुआँ, पीछे खाई
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हर तरफ हानि की आशंका
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आँख का अंधा नाम नयनसुख
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गुण के विरूद्ध नाम
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आधा तीतर आधा बटेर
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बेमेल स्थिति
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आप भला तो जग भला
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स्वयं अच्छे तो संसार अच्छा
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आम का आम गुठली का दाम
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सब तरफ से लाभ ही लाभ
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