भारत का भूगोल (types of soal)

*भारत की मिट्टीयों का वर्गीकरण - 

भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद ने 1986 मे देश के 8 प्रमुख तथा 27 गौंण प्रकार की मिट्टीयों  का पहचान किया गया है। 

ये इस प्रकार है -

1. जलोढ़ मिट्टी - 43.4%

2.काली मिट्टी - 15.2%

3. लैटराइट - 3.7%

4. लाल मिट्टी - 18.6%

* मरुस्थलीय+पर्वतीय+पीट व दलदली+लवणीय व  क्षारीय - 17.9%

* जलोढ़ मिट्टीयां - ये मिट्टियाँ अपरदित पदार्थो से निर्मित है। यह 15 लाख वर्ग किमी0 क्षेत्र में विस्तृत है, इनका रंग हल्की भूरी होती है।

* लाल मिट्टी- ये मिट्टी देश मे लगभग 6.1लाख वर्ग किमी0 तक फैला है।,इनका रंग लाल होता है क्योकी इनमें लोहे के ऑक्साइड पायाा जााता है।

* लेटराइट मिट्टी- ये मिट्टी लगभग 1.26 लाख वर्ग किमी0 क्षेत्र में विस्तृत है। य

ये मिट्टियाँ सह्याद्रि ,पूर्वी घाट, राजमहल पहाडिया, सतपुड़ा,व

विंध्य,असम तथा मेघालय की पहाड़ियां के शिखरों में मिलती है।

* मरुस्थलीय मिट्टी- ये 1.42 लाख वर्ग किमी0 है, और ये मिट्टी बलुई से बजरीयुक्त होती है।

जिनमे जैविक पदार्थ तथा नाईट्रोजन केे कमी एवम कैल्सियम कार्बोनेट की भिन्न मात्रा पाई जााती है।

*पवतीय मिट्टी- इसे वनीय मृदा कहते है। इसका विस्तार क्षेत्र 2.85 वर्ग किमी0 है।

ये अम्लीय स्वभाव की होती है। इसमें पोटाश चूना फास्फोरस

का अभाव होता है। किंतु जीवांश की प्रचुर मात्रा पाई जाती है।

*पीट व दलदली- इसमे कार्बनिक पदार्थ की मात्रा 40 से50,% तक होती है। इनका रंग नीला होता है और स्वाद में अम्लीय होता है क्योंकि इनमें फेरस आइरन होते है।

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