इंद्रधनुषी क्रांति भारत में दूसरी हरित क्रांति के रूप में ........

बिहार राज्य सरकार ने 'इंद्रधनुषी क्रांति' को सूबे की उछाल (विकास) का उपाय मानते हुए इस पर अगले पांच वर्ष में 1 लाख 52 हजार 511 करोड़ रुपये खर्च करने का फैसला किया है। 'इंद्रधनुषी क्रांति', वस्तुत: 'दूसरी हरित क्रांति' का विस्तार है और इसमें कृषि के साथ पशुपालन एवं तमाम संबंधित पक्ष समाहित हैं। मंगलवार को पांचवीं मर्तबा बैठी कृषि कैबिनेट ने डेढ़ लाख करोड़ रुपये की योजनाओं को सैद्धांतिक स्वीकृति प्रदानबैठक में तय हुआ कि कृषि शिक्षा की पढ़ाई अब हाईस्कूलों से होगी। राशि की व्यवस्था के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में 'रिसोर्स मैनेजमेंट ग्रुप' का गठन किया गया है।

बैठक के बाद विकास आयुक्त सह कृषि उत्पादन आयुक्त अशोक कुमार सिन्हा ने संवाददाताओं को बताया कि कृषि रोडमैप पर अंतिम निर्णय किसानों से राय-मशविरा के बाद लिया जायेगा। इसके लिए एक फरवरी को पटना में किसान समागम का आयोजन होगा। समागम में राज्य भर के दो हजार किसान भाग लेंगे। किसानों का चयन जिला स्तर कृषि विज्ञान केन्द्र व आत्मा के माध्यम से किया जायेगा। प्रत्येक जिला से दो किसानों का चयन पटना में आयोजित समागम में अपना विचार व्यक्त करने के लिए होगा। इन किसानों की बातों को ही माना जायेगा कि सबका मत है। किसानों के सुझावों पर कृषि कैबिनेट की आगामी बैठक में विचार किया जायेगा। इसके बाद कृषि रोडमैप को अंतिम रूप दिया जायेगा।

बैठक में उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी, कृषि मंत्री नरेन्द्र सिंह, राजस्व व भूमि सुधार मंत्री रमई राम, ग्रामीण कार्य मंत्री डा.भीम सिंह, जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी, लघु जल संसाधन मंत्री अवधेश कुशवाहा, मुख्य सचिव नवीन कुमार, विकास आयुक्त अशोक कुमार सिन्हा, मानव संसाधन विभाग के प्रधान सचिव अंजनी कुमार सिंह आदि भी उपस्थित थे।

विभागवार खर्च : एक नजर

कृषि विभाग-14 हजार करोड़, ऊर्जा-10 हजार करोड़, ग्रामीण सड़क-36 हजार करोड़, पशुपालन- 16 हजार करोड़, सहकारिता-6 हजार करोड़, जल संसाधन-27 हजार करोड़, लघु जल संसाधन-11 हजार करोड़, खाद्य प्रसंस्करण-17 हजार करोड़, भंडारण-6 हजार करोड़, विपणन-4 हजार करोड़, वन पर्यावरण-2 हजार करोड़, कृषि शोध व शिक्षा पर 2 हजार करोड़ तथा राजस्व एवं भूमि सुधार-556 करोड़। कृषि कैबिनेट ने इस व्यय पर सहमति जतायी है।

कहां से आयेगा संसाधन :

मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित 'रिसोर्स मैनेजमेंट ग्रुप' में विभिन्न विभागों के प्रधान सचिव रहेंगे। इनके द्वारा राज्य में उपलब्ध संसाधनों के अलावा निजी, वित्तीय संस्थानों व केन्द्र से राशि की व्यवस्था की जायेगी। इसके लिए उन उपायों पर विचार होगा, जिससे राशि उपलब्ध होगी।

कब से लागू होंगे कृषि कैबिनेट के निर्णय :


विकास आयुक्त के अनुसार कृषि कैबिनेट के निर्णय को अप्रैल 2012 से लागू किया जायेगा। हाई स्कूलों में कृषि की पढ़ाई में विलम्ब होगा। इसके लिए शिक्षकों की नियुक्ति करनी होगी। कृषि विषय की पढ़ाई नौवीं कक्षा से होगी व आई-एससी में कृषि विकल्प होगा। की। बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने की।
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