सुरक्षा परिषद की स्थापना 24 October 1945 में की गई।यह संघ का मुख्य अंग है। इसका कार्य विश्व शांति एवं सुरक्षा से संबंधित कार्य करना है। यह UNO की कार्यपालिका है।
सुरक्षा परिषद के वर्तमान अध्यक्ष Gustavo Meza-Cuadra हैं। वर्तमान में सुरक्षा परिषद में 15 सदस्य देश है जिनमें 5 सदस्य देश वीटो शक्ति से युक्त है और शेष 10 अस्थाई सदस्यों को महासभा द्वारा 2 वर्षों के लिए चुना जाता है। इन अस्थाई देशों की सदस्यता 01 जनवरी से प्रारंभ होती है। महासभा सुरक्षा परिषद के 10 अस्थाई सदस्यों को दो तिहाई बहुमत से चुनते हैं। सुरक्षा परिषद में 15 सदस्य होते हैं स्थापना के समय 11 सदस्य थे (5+6 = 11) इनमें में 7 की बहुमत आवश्यक थी।1965 में 4 अस्थाई सदस्यों की वृद्धि की गई (5+10=15) इनमें 9 सदस्यों की स्वीकृति आवश्यक है।
सुरक्षा परिषद के स्थाई सदस्य :
1. अमेरिका 2. ब्रिटेन 3. चीन 4. फ्रांस 5. रूस।
सुरक्षा परिषद के अस्थाई सदस्य :
1. इटली 2. बोलीविया 3. इजिप्ट 4. इथियोपिया (Ethiopia) 5. जापान 6. कजाखस्तान 7. सेनेगल 8. स्वीडेन 9. यूक्रेन 10. उरुग्वे (Uruguay)
पहले चीन स्थाई देशों की सूची में शामिल नहीं था चीन के स्थान पर ताइवान शामिल था जिसे 1971 में हटाकर चीन को स्थाई देशों की सूची में में शामिल किया गया। भारत, जापान, जर्मनी और ब्राजील सुरक्षा परिषद की स्थाई सदस्यता प्राप्त करने के लिए सघन अभियान छेड़ा हुआ है। इन देशों की सदस्यता का निषेध करने के लिए इटली के नेतृत्व में Uniting for Consensus नामक संगठन बना है, जिसे कॉफी क्लब (Coffee Club) के नाम से भी जाना जाता है।
स्थाई सदस्य देशों को वीटो (Veto power) यानी निषेधाज्ञा का अधिकार प्राप्त है जिसका प्रयोग कर वह किसी मुद्दे पर प्रस्ताव पारित करने या किसी कार्यवाही को आगे बढ़ने से रोक देते हैं। वीटो पावर का सबसे अधिक प्रयोग रूस के द्वारा भारत के पक्ष में हुआ है। 1954 में कश्मीर के प्रश्न पर किया था। अमेरिका ने अपनी वीटो शक्ति का प्रथम बार उपयोग रोडेशिया के प्रश्न पर मार्च 1971 में किया था। चीन ने वीटो शक्ति का प्रथम प्रयोग अगस्त 1972 में बांग्लादेश के संघ में प्रवेश के मुद्दे पर किया था।
किसी भी विधेयक को पारित होने के लिए पांच स्थाई सदस्य देशों का समर्थन आवश्यक है। यह 5 देशों में कोई भी देश यदि चाहे तो मौन या अनुपस्थित रह कर विधेयक को पारित करवा सकता है। सुरक्षा परिषद को विश्व का पुलिसमैन कहा जाता है।