इंदिरा गाँधी मातृत्व सहयोग योजना (IGMSY)

*यह योजना नवम्बर 2010 में प्रारम्भ की गई। आरम्भ से प्रायोगिक आधार पर चुने हुये 53 जिलो में यह कार्यान्वित की जा रही है।

*इस योजना के तहत 19 वर्ष तथा उससे अधिक आयु की गर्भवती महिलाएं अपने प्रथम दो जीवित बच्चों के जन्म पर लाभान्वित होने की हकदार होती है।

*इस योजना के अंतर्गत मातृत्व तथा बाल स्वास्थ्य से संबंधित कतिपय शर्तों को पूरा करने पर लाभार्थी प्रत्येक गर्भवती तथा स्तनपान कराने वाली महिला को कुल 6000 रु. की राशि दो बराबर किश्तों में प्रदान की जाती है, जिससे गर्भावस्था एवम स्तनपान कराने की अवधि के दौरान उन्हें होने वाली वेतन हानि की आंशिक प्रतिपूर्ति की जा सके।

*ज्ञातव्य है कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 के प्रावधानों के अनुसार, 5 जुलाई  सन 2013 से इस योजना के अन्तर्गत लाभार्थी महिलाओं को प्राप्त होने वाली आर्थिक सहायता की राशि 4000 रु. से बढ़ाकर 6000 कर दिया गया है। वर्ष 2014-15 में इस योजना के निमित्त अनुमानित बजट 1664.49 करोड़ रु.था।

*विदित है कि सवैतानिक मातृत्व अवकाश की हकदार होनेे के कारण सरकारी क्षेत्र के उपक्रमो (केंद्र एवं राज्य) में काम करने वाली सभी महिलाओं को इस योजना में शामिल नही किया गया है।

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