भारतीय संविधान Easy Notes - 64 (भारतीय नागरिकता अधिनियम, 1955 -ii)

क्रमशः ...

Day- 64

  • देशीयकरण द्वारा नागरिकता प्राप्त करने के लिए ऐसे व्यक्ति आवेदन कर सकते हैं, जो-
  1. विदेशी व्यक्ति है; लेकिन उपर्युक्त वर्णित देशों के नागरिक नहीं हैं; एवं
  2. वयस्क हैं।
  •   ऐसे व्यक्तियों द्वारा देशीयकरण के लिए निर्धारित शर्तों की पूर्ति कर दिए जाने पर केंद्र सरकार में देशीयकरण का प्रमाण-पत्र प्रदान कर सकती है। ये शर्ते निम्नांकित है –

(क). वह किसी ऐसे देश का नागरिक न हो जहाँ भारतीय देशीयकरण द्वारा नागरिक बनने से रोक दिए जाते है;

(ख). उसने अपने देश की विधि के अनुसार नागरिकता का परित्याग कर दिया हो और केंद्र सरकार को इस आशय की सूचना दे दी;

(ग). वह देशीयकरण के आवेदन-पत्र प्रस्तुत करने की तिथि के पूर्व 2 महिने तक या तो भारत में रहा हो, या तो भारत सरकार की सेवा में रहा हो, केंद्र सरकार इस अवधि को कम से कम छः मास कर सकती है; तथा

(घ). वह उपर्युक्त (12 महिनों को 1986 में 12 वर्ष कर दिया गया) 12 वर्षो में कम से कम 9 वर्ष तक भारत का निवासी रहा हो या भारत सरकार की सेवा में रहा हो;

(ङ). वह अच्छे चरित्र का व्यक्ति हो,

(च). वह राज्य निष्ठा की शपथ ग्रहण करे,

(छ). उसे भारतीय संविधान के आठवीं अनुसूचि में वर्णित भाषा का सम्यक् ज्ञान हो; एवं

(ज). देशीयकरण के प्रमाण-पत्र की प्राप्ति के पश्चात् उसका भारत में निवास करने या भारत सरकार के अधीन सेवा में रहने का आशय।

स्मणीय रहे है कि उपर्युक्त शर्ते पूरी न करने पर भी केंद्र सरकार ऐसे व्यक्ति को देशीयकरण द्वारा नागरिकता प्रदान कर सकती है, जिसने निम्नांकित क्षेत्रों में से किसी में विशिष्ट सेवा की हो, जैसे – विज्ञान, कला, दर्शन, साहित्य, विश्व शांति, एवं मानव-विकास।

मिलते है हम अगले दिन, भारतीय नागरिकता अधिनियम, 1955’ विषय पर फिर आगे  चर्चा करने के..

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