किसान क्रेडिट कार्ड योजना (KCC)

* किसानों को संगठित बैंकिंग प्रणाली से लचीले, झंझटमुक्त एवं कम खर्चीले तरीके से पर्याप्त और यथासमय ऋण सहायता मुहैया कराने के लिए 1998-99 में किसान क्रेडिट कार्ड योजना शुरू की गई।*केसीसी योजना अब दीर्घावधिक  सहकारी ऋण संरचना के उधारकर्ताओ के लिये भी लागू हो गयी है, जिससे व्यापक ऋण योजना की एकलविंडो के रूप केसीसी को स्वीकारे जाने का मार्ग प्रशस्त्र हो गया है।

* बैंकिंग क्षेत्र द्वारा निर्गत कार्डो की कुल संख्या में वाणिज्यिक बैंकों का हिस्सा 45.6% है जिसके पश्चात सहकारी बैंकों (39.4%) तथा आर.आर.बी. (15.1%) का स्थान है।

* इस योजना में अब दीर्घावधिक सहकारी ऋण ढाँचे के उधारकर्ताओ को भी शामिल किया गया है, इस प्रकार केसीसी एक व्यापक ऋण उत्पाद हेतु सिंगल विंडो बन चुका है।

* किसान क्रेडिट कार्ड को अधिक प्रयोक्ता अनुकूल बनाने के उद्देश्य से, नाबार्ड ने केसीसी योजना के कार्यक्षेत्र का विस्तार करके उसने कृषि एवं संबद्ध गतिविधियों हेतु सावधि ऋणों को शामिल किया गया है, जिसने फसल ऋण सीमा मुहैया कराने के अतिरिक्त उपभोग की जरूरतों के लिए वाजिब गटक शामिल है।

*केसीसी को स्मार्ट कार्ड सहित डेबिट कार्ड में बदला ज सकता है जिसमे ए.टी.एम. के माध्यम से भी इसका उपयोग किया जा सके।

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