प्राचीन भारतीय इतिहास-13

      सिन्धु सभ्यता का सबसे दक्षिणी पुरास्थल दैमामाद (महाराष्ट्र) है।

      सैन्धव सभ्यता के सबसे दक्षिणी स्थल दैमाबाद से काँसे का एक रथ प्राप्त हुआ है जिसे एक नग्न पुरूष चला रहा है।

      हड़प्पा सभ्यता का एकमात्र स्टेडियम (क्रीड़ागार) धौलावीरा से प्राप्त हुआ है।

      नौसेरा से कुछ स्त्रियों की माँग में अब भी सिन्दूर भरा हुआ मिला है।

      सिन्धु सभ्यता में 6 बडे़ नगर पाये गये है मोहनजोदडा़े, हड़प्पा, गनेडीवाल, धौलावीरा, राखीगढ़ी एवं कालीबंगन। भारत का सबसे बड़ा नगर राखीगढ़ी है। पश्चिमी टीले को दुर्ग तथा पूर्वी टीले को नगर कहा जाता है।

      हड़प्पा सभ्यता के सर्वाधिक स्थल गुजरात में पाये गये है।

      प्रत्येक नगर दो भागों में विभाजित था जबकि धौलावीरा तीन भागों मे विभाजित था।

      कृषि हड़प्पा अर्थव्यवस्था का मूल आधार थी।

      लोथल (गुजरात)-यह सिन्धु सभ्यता का बन्दरगाह नगर था। यह जल प्रबन्धन प्रणाली का सर्वोच्च उदाहरण है।

      कालीबंगा (राजस्थान)- यहाँ पर जुते हुये खेत एवं अलंकृत इटों के प्रयोग के साक्ष्य प्राप्त हुये है।

      अग्नि वेदियाँ लोथल एवं कालीबंगा से मिली है।

      खिलौना हल बनवाली से प्राप्त हुये है।

      मोहन जोदडों से प्राप्त अन्नागार संभवतः सैन्धव सभ्यता की सबसे बड़ी ईमारत है।

      बृह्द स्नानागार मोहनजोदड़ों से प्राप्त हुआ है। इसमें उत्तर एवं दक्षिण दोनों तरफ सीढ़िया बनी है। मार्शल ने इसे तत्कालीन विश्व का आश्चर्यजनक निर्माण कहा।

-शेष अगले भाग में

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