लोथल से फारस की मुहरे मिली है।
लोथल से तीन और कालीबंगा से एक युगल शवाधान मिला है। कालीबंगा से भूकंप के साक्ष्य प्राप्त हुए है। यही से शल्यक्रिया के प्राचीनतम साक्ष्य प्राप्त हुआ है।
स्टुअर्ट पिग्गट महोदय ने हड़प्पा एवं मोहनजोदड़ों को सिन्धु सभ्यता की जुड़वा राजधानियाँ कहा।
चन्हूदड़ों से लिपिस्टिक का साक्ष्य प्राप्त हुआ है।
चालक लोमड़ी के भी साक्ष्य लोथल से मिले है।
सिन्धु सभ्यता की मुख्य फसल गेहॅू एवं जौ थी।
रंगपुर एवं लोथल से चावल के दाने के साक्ष्य मिले है।
सुरकोकटदा से घोडे़ की हड्डियाँ मिली है।
तौल की ईकाई 16 के अनुपात में थी।
सिन्धु सभ्यता के लोग यातायात के लिये बैलगाड़ी या भैसागाड़ी का प्रयोग करते थे।
मेलुहा शब्द का अभिप्राय सिन्धु क्षेत्र से है।
हड़प्पा संस्कृति का शासन व्यापारी वर्ग के हाथों मंें था।
कूबड़ वाला साड़ विशेष पूजनीय था।
स्त्री मृण्मूर्तियाँ अधिक मिलने से ऐसा अनुमान लगाया जाता है सैधंव सामाज मातृसत्तात्मक था।
सिन्धुवासी सूती एवं उनी वस्त्र का प्रयोग करते थे।
कालीबंगा एक मात्र हड़प्पा कालीन स्थल है जिसका निचला शहर भी किले से घिरा हुआ था।
शवों को जलाने एवं गाड़ने की दोनो प्रथाये प्रचलित थी।
सैन्धव सभ्यता के विनाश का मुख्य कारण बाढ़ थी
-शेष अगले भाग में