वर्तमान संदर्भ -
- 2 अप्रैल 2018 को नासा के केप केनेवरल प्रक्षेपण स्थल से remove debris उपग्रह का प्रक्षेपण किया गया। यह प्रक्षेपण स्पेस एक्स (फाल्कन 9) रॉकेट यान से अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन के लिए किया गया है।
- 20 जून 2018 को अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन से रिमूव debris उपग्रह को पृथ्वी के low earth orbit में स्थापित किया गया।
- अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन से स्थापित यह अब तक का सबसे बड़ा उपग्रह है।
- लो अर्थ ऑर्बिट वह कक्षा है जिसकी पृथ्वी की सतह से ऊंचाई लगभग 160 से 2000 किलोमीटर के मध्य होती है।
उद्देश्य -
- रिमूव डेब्रिस उपग्रह एक प्रद्योगिकी प्रदर्शन मिशन है यह एडीआर(Active debris removal) तकनीकी का परीक्षण low earth orbit में करेगा।
उपग्रह: तथ्य
- उपग्रह का निर्माण सरे उपग्रह टेक्नोलॉजी लिमिटेड द्वारा किया गया है इसका मुख्यालय गिलफोर्ड लंदन में स्थित है।
- उपग्रह में एक नेट(जाल), दो क्यूबसेट , एक हारपून(harpoon), एक ड्रैगेल (dragsail) और 2D - 3D लिडार कैमरा है।
हारपून - यह एक प्रकार का भाला है जो रस्सी के माध्यम से स्रोत से जुड़ा रहता है।
ड्रैगैल - सामान्य शब्दों में इसे पैराशूट कह सकते हैं इसके द्वारा वस्तु की गति को नियंत्रित किया जाता है।
उपग्रह का प्रौद्योगिकी परीक्षण-
-- प्रौद्योगिकी परीक्षण के चार स्तर हैं।
प्रदर्शन - 1 - मुख्य अंतरिक्षयान एक क्यूब सेट-1 अंतरिक्ष में छोड़ेगा और 6 - 7 मीटर की दूरी से जाल की सहायता से पकड़ने का प्रयास करेगा।
प्रदर्शन -2 - यह विजन आधारित नौवहन प्रयोग है इस प्रक्रिया में मुख्य अंतरिक्ष यान एक क्यूबसेट-2 अंतरिक्ष में छोड़ेगाऔर 2D - 3D lidar तकनीकी से इसकी स्थिति (position) ko खोजने का प्रयास करेगाा।
प्रदर्शन - 3 - इस प्रक्रिया में मुख्य अंतरिक्ष यान अपने द्वारा निष्कासित सामग्री पर हारपून से लक्ष्यभेद करेगा।
प्रदर्शन - 4 - उपग्रह एक ड्रैगेल अंतरिक्ष में ओपन करेगा जो उपग्रह को डी ऑर्बिटिंग में मदद करेगा।
महत्व -
- वर्तमान में अंतरिक्ष मलबा एक बड़ी समस्या बनता जा रहा है और भविष्य में इसके परिणाम भयावह हो सकते हैं।
- इस प्रकार यदि यह प्रयोग सफल होता है तो भविष्य में अंतरिक्ष मलबे को न्यून करने में मदद मिलेगी।