संगम वंश विजयनगर में शासन करने वाले वर्षों में पहला वंश था। जबकि सबसे अधिक समय तक शासन भी किया इस वंश की स्थापना हरिहर और बुक्का के द्वारा किया गया था। उन्होंने अपने पिता संगम के नाम पर इस वंश का नाम संगम वंश रखा था। इस संगम वंश में 7 शासक हुए।
हरिहर प्रथम (1336-1356 ई.)
इसने अपनी राजधानी अनेगोंडी को बनाया था ।जो तुगभद्रा नदी के तट पर स्थित है ।बाद में इसने अपनी दूसरी राजधानी विजयनगर को बनाया। जिसके अवशेष हंपी में मौजूद हैं गद्दी पर बैठने के पश्चात हरिहर ने अपने भाई बुक्का की सहायता से साम्राज्य विस्तार किया। तथा विजयनगर का साम्राज्य का विस्तार उत्तर में कृष्णा नदी से लेकर दक्षिण में कावेरी नदी तक विस्तृत किया था इसी समय हरिहर ने होयसल कदम्बद राजवंशों को पराजित कर उनके राज्य को विजय नगर में सम्मिलित कर लिया था। विजयनगर और बहमनी राज्य के बीच संघर्ष का प्रमुख बिंदु कदंब राजवंश का क्षेत्र बना था।
बहमनी वंश के संस्थापक अलाउद्दीन बहमन शाह ने कृष्णा और तुंगभद्रा के बीच के भूभाग रायचूर पर अधिकार कर लिया ।जहां से इन दोनों राज्यों के बीच संघर्ष ने जन्म ले लिया था। हरिहर ने अपने शासन कार्यों को करने के लिए ब्राह्मणों की नियुक्त किया उसने राज्य में कृषि के विकास के लिए कार्य किया और 1156 ईस्वी में हरिहर की मृत्यु हो गई थी। इसके बाद उसके भाई बुक्का ने पूरा शासन संभाला था।
बुक्का प्रथम (1356-1377ई.)
इसने वेद मार्ग प्रतिष्ठापक की उपाधि धारण किया यह महान योद्धा राजनीतिक विद्या प्रेमी था ।अभिलेखों में उसे पूर्वी पश्चिमी तथा दक्षिणी सागरों का स्वामी का गाया गया था ।बुक्का प्रथम ने शासन का केंद्रीकरण किया तथा तमिलनाडु तक विजयनगर साम्राज्य का विस्तार किया था। बुक्का प्रथम ने सर्वप्रथम मथुरा का विजय किया इस विजय का वर्णन बुक्का प्रथम के पुत्र वधू गंगा देवी ने वर्णित किया है।
इसने हिंदू धर्म के विकास के लिए कार्य किया इसने वेद मार्ग प्रतिष्ठापक जैसी उपाधि धारण किया। बुक्का प्रथम ने चीन में अपना दूध मंडल भेजा था तथा 1377 ईस्वी में इसकी मृत्यु हो गई थी ।इसके बाद हरिहर द्वितीय शासन प्रारंभ किया था।
हरिहर द्वितीय (1377-1404 ई.)
हरिहर द्वितीय विजयनगर का पहला शासक था जिसने महाराजाधिराज की उपाधि धारण किया था। इसने राज व्यस्त था और राज वाल्मीकि की भी उपाधि धारण किया था। इसने ( कनारा )गोवा ,मैसूर प्राची तथा श्रीलंका पर विजय प्राप्त किया था। हरिहर द्वितीय श्रीलंका जीतने तथा वहां से टैक्स का कलेक्शन करने वाला विजय नगर का पहला शासक था ।हरिहर ।।के सिक्कों पर गरुड़ तथा हनुमान की आकृति खुदी हुई मिलती है।