मैग्नेटाइट अयस्क:: काले रंग के इस अयस्क में चुंबकीय लोहे का ऑक्साइड होता है। इसकी प्राप्ति आग्नेय चट्टानों से होती है। इसमें 72 परसेंट तक धातु का अंश प्राप्त होता है देश में इसके 340.8 करोड़ टन भंडार है। इस अयस्क के भंडार कर्नाटक उड़ीसा आंध्र प्रदेश ,छत्तीसगढ़ गोवा ,केरल, राजस्थान झारखंड और तमिलनाडु में है।
हेमेटाइट अयस्क:: लिया लाल तथा भूरे रंग का होता है ।यह धारवाड़ और को डब्बा क्रम की चट्टानों से प्राप्त होता है ।इस अयस्क में लोहे का अंत सत्तर परसेंट तक होता है। भारत द्वारा किए जाने वाले खनिज निर्यात के कुल मूल्य का 7% लोग से प्राप्त होता है ।विश्व के लौह अयस्क व्यापार का लगभग 73.4 % भारत से होता है भारत में लौह अयस्क निर्यात जापान चेकोस्लोवाकिया पश्चिमी जर्मनी रूमानिया इटली यूगोस्लाविया पोलैंड इराक बेल्जियम का इतिहास देशों से होता है ।जापान भारत का सबसे बड़ा ग्राहक है इसे खुल भारतीय निर्यात का 70% से भी अधिक निर्यात किया जाता है ।
मैगनीज::यह प्रायः काले रंग की प्राकृतिक भस्मों के रूप में धारवाड़ युग की अवसादी चट्टानों में पाई जाती है ।इस धातु का उपयोग इस्पात बनाने के लिए मुख्य रूप से किया जाता है। यह मैगनीज भारत का सबसे महत्वपूर्ण निर्यातक देश है ।विश्व निर्यातक देशों में इस का छठा स्थान है ।भारतीय मैगनीज के प्रमुख ग्राहक देश फ्रांस बेल्जियम जर्मनी चेकोस्लोवाकिया संयुक्त राज्य अमेरिका जापान कनाडा तथा ब्रिटेन है ।