मराठा लोगो को 'महरठ्ठा, तथा महरठ्ठी' भी कहा जाता था लेकिन मराठे भारत के प्रमुख लोग हैं। तथा भारत के इतिहास क्षेत्र मे रक्षक योद्धा तथा हिन्दू के समर्थक के रूप मे विख्यात थे। इनका गृह क्षेत्र आज का मराठी भाषा तथा उनके क्षेत्र महाराष्ट्र राज्य में है मराठा शब्द का तीन मिलते जुलते अर्थो मे उपयोग होता है
मराठी भाषी क्षेत्र में इससे एक मात्र प्रमुख शाली मराठा साम्राज्य की जाति और मराठों के कुम्भीजाति के रूप में बोध होता है।मराठा जाति के लोग किसान मजदूर तथा सैनिक थे। कुछ मराठो और कुम्भियों ने क्षत्रिय होने का भी दावा किया था। और उसके जीवन में एक नया इतिहास रचा गया था। इसकी पुष्टि अपने कुल नाम व वंशावली को महाकाव्यो के नायको उत्तर के राजपूत वंशो का पूर्व मध्यकाल के एतिहासिक राज्यवंशो जोडकर करते है। जब मुगलदक्कन कीी ओर बढ़ रहे थे।
तब अहमदनगर व बीजापुर के मराठे प्रशाशनिक सेवाओ तथा अन्य सभी प्रकार के सैनिको के रूप में नियुक्ति थे। तथा उनके साथ कामकाज में उनके प्रभाव और शक्ति में बढोत्तरी हुई।
....आगे देखेंगे - मराठा शासन व्यवस्था......।।