मराठा शासन हिन्दू तथा मुसलमान शासन और सैन्य व्यवस्था का मिश्रित रूप था। मराठा.शासन मे समस्त शक्तियॉ राजा के हाथ में होती थी। जिनकी नियुक्त स्वयं राजा करता था। अष्टप्रधानों के नायबो की नियुक्ति भी राजा द्वारा ही की जाती थी।
पटेलो के हाथों में मालगुजारी वशूलने का हक था जो भूमि का एक तिहाई हिस्सा लिया जाता था। अष्टप्रधान व्यवस्था छत्रपति शिवाजी महाराज द्वारा स्थापित किया गया था। इसमे मंत्रीपरिषद तथा मंत्री के सचिव के रूप में भी काम करते थे ये प्रत्यक्ष रूप से न तो कोई निर्णय ले सकते थे। और न ही नीति निर्धारित कर सकते थे। उनकी भूमिका मात्र परामर्शकारी होती थी।
अष्टप्रधान के कुछ विवरण इस प्रकार है-...
पेशवा - राजा की अनुपस्थिती मे राज्य की बागडोर सम्भालता था।
सेनापति ( सर ए नौबत )
मजमुआदार ( अमात्य )
वाकयानवीस
शुरूनवीस ( चिटनिस )
दबीर (सुमन्त)
सदर ( पण्डितराव )
न्यायाधीश आदि पद पर नियुक्त किए जाते थे।
आगे ..।।।।..... प्रमुख मराठा शासन के बारे में ...........।।