बालाजी विश्वनाथ - कोंकण के चित्तयावन वंश के बाम्हण बालाजी विश्वनाथ (1660-1720ई.)को मराठा साम्राज्य का दूसरा संस्थापक माना जाता है | एक निर्धन परिवार में जन्मेंं बालाजी विश्वनाथ को शाहू के सेनापति धनाजी जादव द्वारा 1708 ई. में कारकून (राजस्व का क्लर्क ) नियुक्त किया गया था। धनाजी जादव की मृत्यु के बाद बालाजी विश्वनाथ को शाहू की सेवा में आने का अवसर प्राप्त हुआ और 1712 ई. मे उसे 'सेनाकर्ते' की उपाधि दी गई । शीघ्र ही शाहू ने उसके द्वारा की गई बहुमूल्य सेवाओंं को स्वीकार किया ।
और 1713 ई. मे पेशवा नियुक्त किया गया। बालाजी विश्वनाथ की सबसे छोटी उपलब्धि 1719 ई. मे मुगल शासक के ओर सेसैयद हूसैन.अली द्वारा मराठो से की गयी संधि को सर रिचर्ड टेम्पल द्वारा 'मराठा साम्राज्य का मैग्नाकार्टा' की संज्ञा दे दी गयी।
बाजीराव प्रथम - बाजीराव प्रथम 1700 से 1740 ई . तक एक महान शेना नायक तथा महान सेनापति था। वह बालाजी विश्वनाथ तथा राधाबाई का बडा पुत्र था। बालाजी विश्वनाथ के मृत्यु के बाद उसे पेशवा नियुक्त किया गया। नादिरशाह.के आक्रमण के दौरान 1740 ई. मेबाजीराव प्रथम की अकाल मृत्यु हो गई।