भारत में मराठा.साम्राज्य- बालाजी बाजीराव और ताराबाई

बाजीराव का.प्रथम ज्येष्ठ पुत्र बालाजी बाजीराव  ( 1721 -- 62 )अपने पिता के मृत्यु के बाद पेशवा बना था। बालाजी बाजीराव ने मराठा साम्राज्य को उत्तर तथा दक्षिण भारत में विस्तार किया। बालाजी ने मालवा तथा  बुन्देलखण्ड मे मराठों के अधिकार को बरकरार रखा था। तथा तन्जौर प्रदेश को भी जीता था।

बालाजी बाजीराव  ने हैदराबाद के निजाम को युद्ध में पराजित कर 1752 ई. में भलकी की सन्धि के बाद जिसके तहत बरार का आधा भाग.मराठो को दे दिया ।बालाजी विश्वनाथ के समय में ही पेशवा का पद पैतृक बन गया था। 1750 ई. की 'संगोली सन्धि' के बाद पेशवा के हाथ में सारे अधिकार सुरक्षित  हो गए। 

इससे बालाजी बाजीराव कोमराठा राज्य के विस्तार में काफी सहयोग मिला। बालाजी बाजीराव  के समय में ही अहमदशांह अब्दाली का आक्रमण हुआ था जिसमे मराठों को बुुुरी पराजय झेलनी पड़ी थी। इसे ' पानी पत का तृृतीय 'युद्ध कहा जाता है।

ताराबाई - ताराबाई भोंसले  शिवाजी प्रथम के द्वितीय पुत्र राजाराम की पत्नी थी।

राजाराम के मृत्यु के बाद ताराबाई चार वर्षीय पुत्र शिविजी तृतीय का राज्याभिषेक कराकर मराठा साम्राज्य की वास्तविक सुरक्षिका बनी थी। ताराबाई मुगल सेना से अन्तिम तक संघर्ष करती रही थी।

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