वैदिक-सभ्यता
वैदिक काल को दो भागो में बाटाँ गया हैं
1. ऋग्वैदिक काल-1500-1000ई0पू0 माना गया है ।
2. उत्तर वैदिक काल-1000-600 ई0पू0 माना गया है।
आर्य संस्कृत भाषा का शब्द है जिसका अर्थ श्रेष्ठ होता है। आर्य भाषा सूचक शब्द है प्रजाति सूचक नहीं है।
आर्यों का मूल निवास स्थान
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सप्तसैन्धव प्रदेश
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डा0 अविनाश चन्द्र दास एवं डा0 सम्पूर्णानन्द
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ब्रह्मर्षि देश
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पं0 गंगा नाथ झा
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देविका (मुल्तान)
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डी0एस0 त्रिदेव
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कश्मीर तथा हिमालय
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एल0 डी0 कल्ला
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तिब्बत
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स्वामी दयानन्द एवं पार्जीटर
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उत्तरी ध्रुव
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बाल गंगाधर तिलक
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हंगरी या डेन्यूब नदी की घाटी
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पी0 गाइल्स
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जर्मनी
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हर्ट एवं पेनका
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बैक्ट्रिया
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मैक्समूलर
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ऋग्वेद में अफगानिस्तावन की चार नदियों कुंभा (काबुल), क्रुमु (कुर्रम), गोमती (गोमल) और सुवास्तु (स्वात) का उल्लेख मिलता है।
ऋग्वेद में सप्त सैन्धव प्रदेश (पंजाब) की सात नदियों-सिन्धु, सरस्वती, शतुद्रि (सतलज), विपाशा (व्यास) परूष्णी, (रावी), वितस्ता (झेलम), अस्किनी (चेनाब) का उल्लेख मिलता है। ऋग्वेद में गंगा नदी का एक बार जबकि यमुना का तीन बार उल्लेख हुआ है।
आर्यो के प्रसार का वर्णन शतपथ ब्राह्मण के विदेध माथव की कथा में मिलता है।
वेदत्रयी-ऋग्वेद, सामवेद एवं यजुर्वेद। वेदों का संकलन महर्षि कृष्ण द्वैपायन ने किया। इसीलिए इनका नाम वेदव्यास भी है।
ऋग्वेद में 10 मण्डल 1028 सूक्त एवं 10552 मंत्र है।
-शेष अगले भाग में