वर्तमान परिप्रेक्ष्य
- 11 जुलाई 2018 को टाटा पावर द्वारा सौर परियोजना विकास संबंधी सूचना प्रकाशित की गई। इस सूचना के तहत टाटा पावर नवीकरणीय उर्जा लिमिटेड ( TPREL - Tata power renewable energy limited) और कर्नाटक नवीकरणीय ऊर्जा विकास लिमिटेड (Karnataka renewable energy development limited - KREDL) के बीच समझौता हुआ है।
- टाटा पावर देश की सबसे बड़ी एकीकृत ऊर्जा कंपनी है, TPREL इसके स्वामित्व वाली सहयोगी कंपनी है।
सौर परियोजना
- पावगदा सोलर पार्क कर्नाटक के तिमकुर जिले में स्थित है यह आठ खंडो में विभाजित है प्रत्येक खंड पांच उपखंडों में विभक्त है।
- पार्क की कुल क्षमता 2000 मेगा वाट है जिसमें प्रत्येक खंड की क्षमता 250 मेगा वाट है।
- टाटा पावर नवीकरणीय ऊर्जा लिमिटेड 250 MW ( one segment) क्षमता के सौर ऊर्जा पार्क को स्थापित करेगी । पार्क संरचना विकास के लिए 12 महीने की अवधि निर्धारित की गई है।
- इस पार्क से पैदा होने वाली बिजली की आपूर्ति राज्य के डिस्कॉम को बिजली खरीद समझौते के तहत की जाएगी।
- डिस्कॉम एक प्रकार की वितरण कंपनियां हैं जो स्वयं बिजली उत्पादन नहीं करती है बल्कि वह किसी अन्य से बिजली खरीदती हैं और केवल अंतिम उपभोक्ताओं को आपूर्ति करती हैं।
महत्व
- भारत सरकार द्वारा 2022 तक 175 GW स्वच्छ ऊर्जा के उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है इस प्रकार यह प्रोजेक्ट इस लक्ष्य को प्राप्त करने में मदद करेगा।
- टाटा पावर कंपनी अपने द्वारा उत्पादित कुल ऊर्जा में 30 - 40 % स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन करने के लिए प्रतिबद्ध है इस प्रकार अन्य ऊर्जा उत्पादन कंपनियां स्वच्छ ऊर्जा में निवेश को प्रेरित होंगी।
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