संविधान का संच्छिप्त परिचय

संक्षिप्त परिचय

भारतीय संविधान में वर्तमान समय में भी केवल 395

अनुच्छेद, तथा 12 अनुसूचियाँ हैं और ये 25 भागों में विभाजित है। परन्तु इसके निर्माण के समय मूल संविधान में 395 अनुच्छेद जो 22 भागों में विभाजित थे इसमें केवल 8 अनुसूचियाँ थीं। संविधान में सरकार के संसदीय स्‍वरूप की व्‍यवस्‍था की गई है जिसकी संरचना कुछ अपवादों के अतिरिक्त संघीय है। केन्‍द्रीय कार्यपालिका का सांविधानिक प्रमुख राष्‍ट्रपति है। भारत के संविधान की धारा 79 के अनुसार, केन्‍द्रीय संसद की परिषद् में राष्‍ट्रपति तथा दो सदन है जिन्‍हें राज्‍यों की परिषद राज्‍यसभा तथा लोगों का सदन लोकसभा के नाम से जाना जाता है। संविधान की धारा 74 (1) में यह व्‍यवस्‍था की गई है कि राष्‍ट्रपति की सहायता करने तथा उसे सलाह देने के लिए एक रूप होगा जिसका प्रमुख प्रधानमन्त्री होगा, राष्‍ट्रपति इस मन्त्रिपरिषद की सलाह के अनुसार अपने कार्यों का निष्‍पादन करेगा। इस प्रकार वास्‍तविक कार्यकारी शक्ति मन्त्रिपरिषद में निहित है जिसका प्रमुख प्रधानमन्त्री है जो वर्तमान में नरेन्द्र मोदी हैं।[7]

मन्त्रिपरिषद सामूहिक रूप से लोगों के सदन (लोक सभा) के प्रति उत्तरदायी है। प्रत्‍येक राज्‍य में एक विधानसभा है। उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र, कर्नाटक,आन्ध्रप्रदेश और तेलंगाना में एक ऊपरी सदन है जिसे विधानपरिषद कहा जाता है। राज्‍यपाल राज्‍य का प्रमुख है। प्रत्‍येक राज्‍य का एक राज्‍यपाल होगा तथा राज्‍य की कार्यकारी शक्ति उसमें निहित होगी। मन्त्रिपरिषद, जिसका प्रमुख मुख्‍यमन्त्री है, राज्‍यपाल को उसके कार्यकारी कार्यों के निष्‍पादन में सलाह देती है। राज्‍य की मन्त्रिपरिषद से राज्‍य की विधान सभा के प्रति उत्तरदायी है।

संविधान की सातवीं अनुसूची में संसद तथा राज्‍य विधायिकाओं के बीच विधायी शक्तियों का वितरण किया गया है। अवशिष्‍ट शक्तियाँ संसद में विहित हैं। केन्‍द्रीय प्रशासित भू-भागों को संघराज्‍य क्षेत्र कहा जाता है।

भारतीय संविधान के भाग

भारतीय संविधान 22 भागों में विभजित है तथा इसमे 395 अनुच्छेद एवं 12 अनुसूचियाँ हैं।

भागविषयअनुच्छेद

भाग 1संघ और उसके क्षेत्र(अनुच्छेद 1-4)

भाग 2नागरिकता(अनुच्छेद 5-11)

भाग 3मूलभूत अधिकार(अनुच्छेद 12 - 35)

भाग 4राज्य के नीति निदेशक तत्त्व(अनुच्छेद 36 - 51)

भाग 4Aमूल कर्तव्य(अनुच्छेद 51A)

भाग 5संघ(अनुच्छेद 52-151)

भाग 6राज्य(अनुच्छेद 152 -237)

भाग 7संविधान (सातवाँ संशोधन) अधिनियम, 1956 द्वारा निरसित(अनु़चछेद 238)

भाग 8संघ राज्य क्षेत्र(अनुच्छेद 239-242)

भाग 9पंचायत(अनुच्छेद 243- 243O)

भाग 9Aनगरपालिकाएँ(अनुच्छेद 243P - 243ZG)

भाग 10अनुसूचित और जनजाति क्षेत्र(अनुच्छेद 244 - 244A)

भाग 11संघ और राज्यों के बीच सम्बन्ध(अनुच्छेद 245 - 263)

भाग 12वित्त, सम्पत्ति, संविदाएँ और वाद(अनुच्छेद 264 -300A)

भाग 13भारत के राज्य क्षेत्र के भीतर व्यापार, वाणिज्य और समागम(अनुच्छेद 301 - 307)भाग 14संघ और राज्यों के अधीन सेवाएँ(अनुच्छेद 308 -323)

भाग 14Aअधिकरण(अनुच्छेद 323A - 323B)

भाग 15निर्वाचन(अनुच्छेद 324 -329A)

भाग 16कुछ वर्गों के लिए विशेष उपबन्ध सम्बन्ध(अनुच्छेद 330- 342)

भाग 17राजभाषा(अनुच्छेद 343- 351)

भाग 18आपात उपबन्ध(अनुच्छेद 352 - 360)

भाग 19प्रकीर्ण(अनुच्छेद 361 -367)

भाग 20संविधान के संशोधनअनुच्छेद

भाग 21अस्थाई संक्रमणकालीन और विशेष उपबन्ध(अनुच्छेद 369 - 392)

भाग 22संक्षिप्त नाम, प्रारम्भ, हिन्दी में प्राधिकृत पाठ और निरसन(अनुच्छेद 393 - 395)

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