गांधार कला

पश्चिमोत्तर भारत में ईसा पूर्व प्रथम शताब्दी 50 ईसा पूर्व से 500 मध्य कुषाण काल  मैं विकसित हुई यह भारतीय यूनानी कला के मेल से बनी है गंधार कला की बजाए लौकिकता पर अधिक बल देती है गंधार  कला की शैली यूनानी तथा विषय वस्तु भारतीय थी जिस के मुख्य विषय भगवान बुद्ध तथा बोधिसत्व है मानव शरीर का यथार्थ चित्रण अलंकरण आदेश की प्रमुख विशेषताएं हैं इसी शैली में बुद्ध की राज्य सी मूर्ति का निर्माण किया गया 
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