पारिस्थितिकी निकेत शब्द का प्रयोग सर्वप्रथम ग्रीनएल ने किया था इन्होंने विभिन्न प्रकार की प्रकार की जातियों एवं उप जातियों के स्थानीय वितरण व्यवस्था को इसी के माध्यम से निरूपित किया था किसी परिस्थिति की क्षेत्र में जीव जंतुओं एवं वनस्पतियों की अनेक जातियां एवं उप जातियां निवास करती हैं परंतु इसका तात्पर्य नहीं है कि कोई भी जाति अथवा उपजाति परिस्थितिकी क्षेत्र में कहीं भी निवास करती है वास्तव में प्रत्येक जाति अथवा उपजाति का उस क्षेत्र में एक निश्चित स्थानीय क्षेत्र सुरक्षित होता है उसी क्षेत्र की सीमा में यह निवास कर अपना जीवन यापन करते हैं यही सुरक्षित क्षेत्र निकेतन अथवा निक कहलाता है कोडम ने स्पष्ट किया है कि निकेत एक सोच में निवास है जिसमें एक ही प्रकार की जाति अथवा उप जाति निवास करती है रिटर्न के अनुसार किसी जंतु का प्राकृतिक वातावरण या समुदाय में स्थान विशेष निकेत कहलाता है