कुषाणो के पतन के बाद भारत में अनेक छोटे छोटे राज्यों का उदय हुआ यह राज्य गणतंत्र एवं राजतंत्र में विभाजित थे। प्रमुख गणतंत्र निम्नलिखित हैं-
1- अर्जुनायन (आगरा- जयपुर )
2- मालवा ( मध्यप्रदेश )
3- यौद्येय ( हरियाणाा- रोहतक )
4- लिच्छवि ( वैशाली- बिहार )
5- शिविकुणिन्द ( पश्चिम भारत )
6- नाग वंश ( मथुरा )
इन गणतन्त्रों के बीच मगध में गुप्त राजवंश का उदय हुआ यह संभवतहः किसानों के सामंत या अधीन थे।
गुप्तों की उतपत्ति-
विद्वानों ने गुप्तों के उत्पत्ति के संबंध में निम्न मत दिए हैं -
के पी जायसवाल के अनुसार-
इनके अनुसार गुप्त जाट, जाति से संबंधित है तथा यह पंजाब के रहने वाले थे कारस्कर जाति से संबंधित गुप्तों को माना जाता है जो पंजाब की प्रमुख जाती थी।
गौरीशंकर ओझा के अनुसार -
इन के अनुसार गुप्त क्षत्रिय थे इन्हें चन्द्रवँशी क्षत्रिय बताया है ।
राय चौधरी के अनुसार -
इन के अनुसार गुप्त ब्राम्हण थे इन्हें धारणी गोत्र का बताया है जो पुष्यमित्र शुंग का गोत्र था।
एलन तथा अन्तेकर इन्होंने गुप्तों को वैश्य माना है अधिकांश विद्वान गुप्तों को वैश्य मानते हैं।