जैव विविधता

किसी प्राकृतिक प्रदेश में पाई जाने वाली जंगली तथा पालतू जीव जंतुओं एवं पादपों की प्रजातियों की बहुलता को जयललिता कहते हैं अतीत के करोड़ों वर्षों के दौरान अनवरत सक्रिय रहने वाली विकास की जैविक प्रक्रिया की देन जैव विविधता है जैव विविधता का आधार है वही पर्यावरण में समय के साथ समय के साथ धीरे-धीरे एवं तेजी से होने वाले परिवर्तनों के विरुद्ध लड़ने के लिए जैविक पदार्थ उपलब्ध कराने में सक्षम होती है उष्णकटिबंधीय वन इस कथन के सच्चे उदाहरण है जैव विविधता को समझने के लिए स्वयं मनुष्य के अपने शरीर में चाहे कार्य विभाजन की दृष्टि से ही क्यों ना हो कोशिका स्तर पर विभिन्नता यथा मांस पेशी  नाड़ी धमनियां देखते ही बनती हैं दूसरी ओर पेड़ पौधों में भी  जाइलम और फ्लोएम में विभिन्न कोशिकाएं का इस बात को सिद्ध करती हैं कि जीवन का आधार जैव विविधता है तभी तो यह ना केवल समस्त उपापचई क्रियाओं का सफल संपादन करते हैं तभी तो बदलते पर्यावरण में अपने आप को अनुकूल करने में भी सक्षम है
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