दो समान प्रकार के आवेश एक दूसरे को प्रतीक अर्शित करते हैं तथा विपरीत प्रकार के आवेश एक दूसरे को आकर्षित करते हैं इससे यह पता चलता है कि दो आवेशों के बीच एक बल कार्य करता है जिसे वैद्युत बल कहते हैं 1785 में फ्रांसीसी वैज्ञानिक कुलाम ने प्रयोगों के आधार पर दो आवेशों के बीच कार्य करने वाले बल के संबंध में एक नियम दिया जिसे कूलाम का नियम करते हैं इस नियम के अनुसार दो बिंदुओं के बीच लगने वाला आकर्षण अथवा प्रतिकर्षण बल दोनों की मात्राओं के गुणनफल के अनुक्रमानूपाति बीच की दूरी वर्ग के व्युतक्रमानुपाती होता है