पाकिस्तान के राष्ट्रपति अयूब खान और भारत के प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री द्वारा सिंतंबर युद्ध के बाद शांति स्थापना की दिशा में कदम बढाते हुए ताशकंद समझौता किया गया जिसके प्रमुख बिंदु इस प्रकार है ।
1- भारत और पाकिस्तान शक्ति का प्रयोग नहीं करेंगे और अपने झगड़ों को शांति पूर्ण तरीके से हल करेंगे ।
2- दोनों देश 25 फरवरी ,1966 तक अपनी सेनाए 5 अगस्त 1965 किस सीमा रेखा पर पीछे हटा लेंगे
3- इन दोनों देशों के बीच आपसी हित के मामलो में शिखर वार्ता और अन्य स्तरो पर वार्ता जारी रहेगी ।
4- भारत और पाकिस्तान के बीच सम्बन्ध एक दूसरे के आन्तरिक मामलो मे हस्तछेप ना करने पर आधारित होंगे ।
5- दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंध फिर से स्थापित कर दिए जाएंगे ।
6- एक दूसरे के बीच प्रचार के कार्य को फिर से शुरू कर दिया जाएगा ।
8 ऐसी परिस्थितियां उत्पन्न की जय की लोगो का निर्गमं बंद हो ।
इस समझौता के क्रियान्वयन के उपरांत दोनों देशों की सेनाए वन्हा से पीछे लौट गई जंहा पर वो युद्ध के पूर्व तैनात थी । परन्तु इस इस बातचीत के उपरान्त भारत और पाकिस्तान के रिश्तों पर बहुत दूरगामी परिणाम देखने को मिला ।