भारत में बेरोजगारी का स्वरूप

आज हम बात करेंगे भारत की बेरोजगारी की दयनीय स्थिति के बारे में जिसके कारण आज का नवयुवक बहुत ही ज्यादा परेशान है भारत ही नहीं वरन विश्व के समस्त विकासशील और विकसित राष्ट्र बेरोजगारी की समस्या से ग्रस्त हैं हम भारत में विशेष रूप से शिक्षित बेरोजगारी निरंतर बढ़ रही है जनसंख्या वृद्धि ने इस समस्या को और भी गंभीर बना दिया है हमारी वर्तमान अर्थव्यवस्था तथा आर्थिक बेरोजगार के पर्याप्त अवसर सृजित करने में असमर्थ रही हैकुछ बेरोजगारी तो मौसमी बेरोजगारी होती है जो मौसम के अनुसार चलती है और फिर कुछ मौसम में बंद हो जाती हैं यह बेरोजगारी कृषि में या कृषि पर आश्रित उद्योग धंधों में पाई जाती हैं इसी प्रकार चीनी तथा भारत के कारखानों ईटों के भक्तों आज में काम करने वाले श्रमिक कई महीने खाली रहते हैं कुछ महीने कार्य करते हैं कुछ बेरोजगारी तो ऐसी है कि व्यक्ति को अपनी योग्यता और क्षमता के अनुसार काम नहीं मिल पाता अथवा पूरे समय के लिए कार्य नहीं मिलता तो उसे अप रोजगार कह सकते हैं यदि एक बीए बीकॉम की डिग्री प्राप्त व्यक्ति को चपरासी का काम करना पड़े तो उसे कैसा लगेगा शिक्षित होकर भी उसे रोजगार नहीं मिल पा रहा है भारत में बेरोजगारी की समस्या का कारण तो जनसंख्या की तीव्र गति से वृद्धि होने के वजह से बेरोजगारी और भी बढ़ रही है पूंजी के अभाव में व्यवसाय व्यापार और कृषि कार्य भी नहीं किए जा सकते हैं देश में पूंजी की कमी के कारण लोगों को रोजगार नहीं मिल पाता आज के युवक अपने ग्रामीण व परंपरागत रोजगार किसानों को छोड़कर सरकारी अथवा अर्ध सरकारी काम के पीछे भाग रहे जबकि इन क्षेत्रों में स्थानों की संख्या बहुत ही सीमित है और कुछ और बेरोजगारी तो अम्मा सीनरी करण के अंधाधुंध प्रयोग के कारण बढ़ रही है इसका मतलब अंधाधुन मशीनरी करने भी बेरोजगारी की संख्या में वृद्धि की है इसके अतिरिक्त पड़ोसी देशों से आने वाले शरणार्थियों के कारण भी बेरोजगारी बढ़ी है बेरोजगारी के कारण ही परिवारों में कुपोषण की समस्या ने फैसला लिया है भारत में बेरोजगारी के वजह से ही काफी नवयुवक असंतोष असंतोष होने के कारण अपराध की गलियों में कदम रख चुके हैं बेरोजगार की समस्या बहुत ही सोचनीय और दयनीय स्थिति में है मेरा मानना है कि आज के राजनीतिक नेताओं के आपसी लड़ाई के वजह से ही यह समस्या और भी बढ़ रही है क्योंकि जब आपस में ही तालमेल नहीं है तो यह रोजगार और बेरोजगारी की समस्या का निदान कैसे ढूंढ लेंगे
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