सुभाष चन्द्र बोस

सुभाष चन्द्र बोस का जन्म 23 जनवरी,1897 को एक संपन्न मध्य वर्गीय बेंगाल परिवार में हुआ था। कलकत्ता विश्वविद्यालय से शिक्षा प्राप्त करने के बाद वे 1920 में भारतीय सिविल सेवा में सफल हुए तथा बाद में संबंधित पद पर कार्य करने लगे। परन्तु अगले वर्ष उन्होंने उसे छोड़ दिया और देश के राष्ट्रीय आंदोलन में कूद पड़े।बचपन से ही सुभाष चन्द्र बोस सत्यवादी आत्म त्यागी और पक्के स्वाभिमानी थे।

बोस राष्ट्रीय कांग्रेस  के उदारवादी डाल के कट्टर विरोधी थे ।1928 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के कलकत्ता अधिवेशन के समय उन्होंने विषय समिति  नेहरू रिप्रोर्ट द्वारा अनुमोदित प्रदेशेशित साशन स्वय्यता के प्रस्ताव का साथ मिल के विरोध किया। वे पूर्ण स्वतंत्रता के पक्षधर थे। 1930 में वे इंडियन नेशनल कांग्रेस के मंत्री बनाए गए और इन्हीं के प्रेरणा पर उस समय कांग्रेस के पूर्ण स्वराज  संकल्प लिया । ये दो बार 1938 ,1939 में कांग्रेस के अध्यक्ष चुने गए।वर्ष 1939 में तो इन्हे गांधी जी के इक्षा के विरूद्ध  कांग्रेस का अध्यक्ष चुना गया । बाद  में इन्हे त्याग पत्र देना पड़ा और इन्होंने फारवर्ड ब्लॉक की स्थापना की। ये भारतीय नवयुवकों के प्रेरणा स्रोत थे और हर संभव उपाय द्वारा देश की आज़ादी चाहते थे ।1939 में दिवतिया विश्व युद्ध के समय ये अंग्रेज़ो को विदेशी सहायता  माध्यम से भारत से निकालना चाहते थे । पर इन्हे अपने ही घर में ही नजरबंद कर दिया गया ।

सुभाष चन्द्र बोस ने देश को  जे हिन्द और दिल्ली चलो का प्रसिद्ध नरा दिया। भारतीय राष्ट्रीय सेना ने मई 1944 तक स्वतंत्र भारतीय भूमि पर त्रिपुरा असम वा कोहिमा में तिरंगा झंडा गाड़ दिया । परन्तु दिवतिय विश्व युद्ध के समय 1945 में जापान की हार के साथ ही I N A   ko भी रुकना पड़ा । 18 अगस्त 1945 को एक वायुयान दुर्घटना में इनकी मृत्यु हो गई ।  

Posted on by