एल नीनो के विपरीत ला नीनो का शाब्दिक अर्थ है -'छोटी बच्ची' । एल नीनो में समुद्री सतह गर्म होती है, वही ला नीनो में समुद्री सतह का तापमान बहुत कम हो जाता है ।
यद्यपि सामान्य प्रक्रिया के तहत पेरू तट की समुद्री सतह ठंडी होती है लेकिन यही घटना जब काफी देर तक रहती है तो तापमान में असामान्य रूप से गिरावट आ जाती है इस घटना को ला नीनो कहा जाता है दरअसल किसी वर्ष जब व्यापारिक हवाएं अत्यधिक मजबूत हो जाते हैं तो मध्य और पूर्वी प्रशांत महासागर में असामान्य रूप से ठंडे जल का संचय होने लगता है ।इसी घटना को ला नीनो कहते हैं।
ला नीनो के समय पश्चिमी प्रशांत महासागर में अत्यधिक बारिश होने से पानी का स्तर बढ़ जाता है वहीं दूसरी तरफ पूर्वी प्रशांत महासागर में वर्षा बहुत कम होती है क्योंकि पूर्वी प्रशांत महासागर में ला नीनो कि या ठंडी जलधारा उच्च वायुदाब का निर्माण कर प्रति चक्रवातीय दशाओं को जन्म देती है ला नीनो भी मानसून का रूख तय करने वाली सामुद्रिक घटना है ।सामान्यता ला नीनो एल नीनो की तुलना में आधा होता है।
जहां एल नीनो प्रशांत महासागर के तापक्रम को बढ़ाकर निम्न दाब केंद्र का निर्माण करती है, जिससे मानसून प्राय: असफल होता है, वहीं ला नीनो तापमान को घटाकर उच्च दाब केंद्र का निर्माण करती है जो मानसून की तीव्रता को बढ़ाता है।
इसीलिए जलवायु वैज्ञानिकों ने सामान्यतः यह निष्कर्ष दिया कि जहां एल नीनो भारतीय उपमहाद्वीपी में सूखे का कारण है वही ला नीनो बाढ़ का कारण है।