शेरशाह का असली नाम फरीद खा था उसके पिता हसन खान सासाराम के जमींदार थे।
1540 ईस्वी में कन्नौज के युद्ध में विजई होने के बाद उसने सिरसा की उपाधि धारण की।
शेरशाह ने दिल्ली में पुराने किले का निर्माण करवाया उसके अंदर ( किला _ए _कुहाना )मस्जिद का निर्माण करवाया।
शेरशाह का मकबरा सासाराम में स्थित है।
शेरशाह ने सड़क ए आजम ग्रैंड ट्रंक रोड का निर्माण कराया जो सोनार गांव से पेशावर तक जाती है।
शेरशाह ने पुराने सिक्कों की जगह शुद्ध सोने चांदी के सिक्के जारी किए