निम्न कोटि के बहुकोशिकीय जंतु या मेटा जोवा जिनमें शरीर संगठन केवल कोशिकीय स्तर का होता है
इस संघ के सदस्यों को स्पंज कहते हैं पानी सोखने के लिए स्पंज अतीत काल से प्रसिद्ध है आजकल रबड़ नायलॉन आदि के नकली स्पंज बनते हैं प्राकृतिक स्पंज पोरिफेरा के कुछ सदस्यों का कंकाल होता है पोरिफेरा शब्द का अर्थ है छिद्र धारक
शरीर पर ओस्टिया नामक अनेक सूक्ष्म छिद्र होते हैं जिनसे बाहरी जल निरंतर शरीर में घुसता रहता है स्पंजों जो कि लगभग 10000 जातियां हैं