भारत ने ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल का सफल प्रक्षेपण किया.

ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल का हुआ सफल परीक्षण

  • दुनिया की सबसे तेज सुपरसोनिक मिसाइल ब्रह्मोस का 16 जुलाई को एक बार फिर सफल परीक्षण किया गया है।
  • इस सुपरसोनिक मिसाइल का परीक्षण सुबह 10 बजकर 18 मिनट पर ओडिशा में किया गया और इसकी खास बात है कि इस परीक्षण को खराब मौसम में किया गया। बालासोरी ओडिशा के चांदीपुर टेस्‍ट रेंज पैड नंबर 3 से मिसाइल को छोड़ा गया
  • इसी साल 21 मई और 22 मई को ब्रह्मोस मिसाइल के दो परीक्षण किए गए थे। इनमें ‘मेक इन इंडिया’ के तहत स्वदेश विकसित प्रमुख सब-सिस्टम का परीक्षण भी हुआ था। उस दौरान डीआरडीओ ने ब्रह्मोस मिसाइल की आयु सीमा 10 से 15 साल तक बढ़ाने के बाद परीक्षण किया था।

          ब्रह्मोस के बारे में

  • ब्रह्मोस डीआरडीओ और रूस की एनपीओएम का एक संयुक्त उपक्रम है। यह मिसाइल भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना में शामिल की जा चुकी है।
  • सुपरसोनिक ब्रह्मोस 290 किमी तक के क्षेत्र को कवर करेगी। यह मिसाइल कम समय में अपने लक्ष्य को भेदने में सक्षम बताई जा रही है।
  • यह मिसाइल अवरोधक का भी काम करेगी।

300 संचार उपग्रहों का प्रक्षेपण करेगा चीन

  • दुनियाभर में संचार सेवाएं मुहैया कराने के लिए चीन ने 300 ‘लो ऑर्बिट’ उपग्रहों का प्रक्षेपण करने की योजना बनाई है।
  • इन 300 उपग्रहों में से पहली सीरीज इस साल के अंत में प्रक्षेपित की जाएगी।
  • इसका नाम ‘होंगयान’ उपग्रह समूह है।

          क्या होगा असर

  • इन उपग्रहों से मजबूत सिग्नल मिलेंगे साथ ही चीन को आपदा राहत कार्यों में बड़ी मदद मिलेगी।  
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