रेगुलेटिंग एक्ट पारित होने की जिम्मेदारियां परिस्थितियां

●हाट  प्रबंध संचालन समिति द्वारा होता था जिस मामले में ब्रिटिश पार्लिमेंट द्वारा कोई हस्तक्षेप नहीं किया जाता था ।
●लेकिन जब 1765 में बंगाल दीवानी पर अधिकार के पश्चात कंपनी के कर्मचारीसमृद्ध होकर इंग्लैंड पहुंचने लगे।
● जिससे ब्रिटिश ब्रिटेन में जन भावना प्रचलित की कंपनी अधिक दृष्टि से बहुत संपन्न है।
◆ लेकिन कंपनी की आर्थिक स्थिति अत्यंत कमजोर थी, कंपनी का लागतर युद्ध में व्यस्त रहना।
  •  बंगाल ,बिहार ,उड़ीसा से अपेक्षित , प्राप्त होना ।कंपनी के कर्मचारियों द्वारा कंपनी के व्यापार की  अपेक्षा निजी बाजार के प्राथमिक देना ।
  • कंपनी द्वारा अपनी राजनीतिक उपलब्धियों को सुरक्षित रखने के लिए इंग्लैंड को चार लाख पाउंड वार्षिक धन देना (1756 से 17 74 तक )
  • इस  प्रकार कंपनी की स्थिति अत्यंत कमजोर जिससे अपनी स्थिति सुधारने के लिए व्यापक धन राशि की आवश्यकता थी ,जो इंग्लैंड की सरकार ही दे सकती थी ।
  • लेकिन कंपनी के संचालन समिति को आशंका थी कि सरकार से लोन लेने पर कहीं सरकार कंपनी को अपने अधीन ना करले ।
  •  साथ ही इंग्लैंड में कंपनी के शेयर में गिरावट का भी भय था ।
  • लेकिन कंपनी के पास कोई दूसरा रास्ता भी नहीं था अतः ऋण के लिए सरकार को आवेदन भेजा गया।
  •  सरकार द्वारा इस संबंध में दो समितियां नियुक्त की गई।
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