हमारा हृदय मशीन दीवार की बनी एक बंद थैली द्वारा घिरा होता है जिससे हृदयावरण थैली कहते हैं । इस थैली की महीन दीवार चपटी ,शल्की कोशिकाओं की इकहरी उपकला होती है जिसे मीसोथीलियम कहते हैं ।यह पारदर्शी होती है। इसे सिरमी हृदयावरण भी कहते हैं। हृदय की सतह पर फैले भीतर की ओर वाले सिरमी हृदयावरण को आन्तरांगीय हृदयावरण कहते हैं। इसके विपरीत, देशभित्ति की ओर के बाहरी सीरमी हृदयावरण को भित्तीय हृदयावरण कहते हैं। इस पर तन्तुकीय संयोजी ऊतर का बना एक दृड़ आवरण होता है जिसे तंतुकीय हृदयावरण करते हैं । यह आवरण नीचे की ओर तन्तुपट से तथा ऊपर की ओर हृदय से जुड़ी मोटी रुधिरवाहिनीयों के छोरों पर ढके संयोजी ऊतक से संलग्न रहता है । अतः यह हृदय को यथास्थान बाॅधे रखने का काम करता है। साथ ही यह हृदय को आवश्यकता से अधिक फैल जाने से रोकता है।