लेवाशिए के अनुसार जीवन बहुत ही जटिल रासायनिक अभिक्रियाओं का परिणाम हैं। सभी जीव धारियों में कुछ विशिष्ट रासायनिक अभिक्रियाएं होती रहती हैं, जिसके मध्य गतिक साम्य स्थापित रहता है। इन अभिक्रियाओं को उपापचक अभिक्रियाएं अथवा जैव रासायनिक अभिक्रियाएं कहते है। इन अभिक्रियाओं का रुकना यहां साम्य टूटने का परिणाम मृत्यु हैं। इन अभिक्रियाओं के कारण जीवधारी चारित्रिक लक्षण प्रदर्शित करता है ।